जयपुर। राजधानी जयपुर में कड़ाके की सर्दी के बीच एक बार फिर न्यायिक अधिकारी जरूरतमंदों की सुध लेने सड़कों पर उतरे।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) की टीम ने शहर के विभिन्न रैन बसेरों का औचक निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

इस दौरान जेएलएन मार्ग पर जेके लोन अस्पताल के पास स्थित स्थायी रैन बसेरे तथा अल्बर्ट हॉल के गेट के पास बनाए गए अस्थायी रैन बसेरे का विशेष रूप से निरीक्षण किया गया।
यह निरीक्षण रालसा के कार्यकारी अध्यक्ष एवं राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के निर्देश और रालसा के सदस्य सचिव हरिओम शर्मा अत्री के मोनिटरिंग में किया गया।
निरीक्षण दल में न्यायिक अधिकारी रश्मि नवल, कोमल मोट्यार और अनुभूति मिश्रा शामिल रहीं।
संवाद कर जानी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान न्यायिक अधिकारियों ने रैन बसेरों में ठहरने वाले जरूरतमंद, बेसहारा और असहाय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानी गईं।
टीम ने रैन बसेरों में उपलब्ध बिस्तर, कंबल, स्वच्छता, शौचालय, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की।

अधिकांश स्थानों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक और दुरुस्त पाई गईं, जिससे प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की गई।
हालांकि, एक स्थान पर कुछ कमियां सामने आने पर न्यायिक अधिकारियों ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत सुधार के निर्देश दिए।
रालसा की टीम ने स्पष्ट किया कि सर्दी के मौसम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और रैन बसेरों में रहने वाले लोगों को हर हाल में सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
निजी बस मालिकों से परेशान लोग
निरीक्षण के दौरान अल्बर्ट हॉल के गेट के पास बनाए गए अस्थायी रैन बसेरे पर बसों की आड़ में खुले में शौच किए जाने की भी सामने आई।
इस पर न्यायिक अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को इस समस्या का त्वरित और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ रैन बसेरों के आसपास पर्याप्त शौचालय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लोगों को खुले में शौच के लिए मजबूर न होना पड़े।
नियमित निरीक्षण कर रहा रालसा
रालसा के सदस्य सचिव हरिओम शर्मा अत्री ने कहा कि रैन बसेरों का नियमित निरीक्षण इसलिए किया जा रहा है, ताकि सर्दी के मौसम में कोई भी व्यक्ति ठंड के कारण असुविधा या जोखिम का सामना न करे।
सदस्य सचिव शर्मा ने बताया कि न्यायिक अधिकारियों द्वारा किए जा रहे ऐसे निरीक्षणों का उद्देश्य केवल व्यवस्थाओं की जांच करना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों को यह भरोसा देना भी है कि शासन और न्यायपालिका उनके साथ खड़ी है।
रालसा की उप सचिव प्रथम रश्मि नवल ने इस पहल को सामाजिक सरोकार से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि सर्दी के प्रकोप के बीच इस तरह का औचक निरीक्षण न केवल प्रशासन को सतर्क रखता है, बल्कि रैन बसेरों में ठहरने वाले लोगों की सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाता है।
