जयपुर, 19 सितंबर
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक अहम आदेश में नाबालिग से गैंगरेप के मामले में पॉक्सो के आरोपी को सशर्त जमानत देते हुए रिहा करने का आदेश दिया है।
मामले में जिस युवती ने अपने साथ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया, उसने ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट में शपथ पत्र देकर पुलिस पर गलत व्यक्ति को आरोपी बनाने का बयान दिया है।
साथ ही हाईकोर्ट ने मामले में आरोपी की ओर से पुलिस पर लगाए गए अवैध हिरासत के गंभीर आरोपों पर चाकसू थानाधिकारी और एसीपी को शपथपत्र पेश करने के आदेश दिए हैं।
वीडियो सुरक्षित करने के आदेश
पॉक्सो एक्ट में आरोपी बनाए गए नानगराम की ओर से मामले में पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि चाकसू पुलिस ने न केवल उसे गलत आरोपी बनाया, बल्कि 13 अगस्त 2025 से 17 अगस्त 2025 तक अवैध हिरासत में रखा।
आरोपी के आरोपों पर हाईकोर्ट ने आरोपी के साथ-साथ पुलिस अधिकारियों के भी शपथपत्र पेश करने के आदेश दिए हैं।
साथ ही चाकसू पुलिस थाने के सीसीटीवी कैमरों की 13 से 18 अगस्त 2025 तक की वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने के आदेश भी दिए हैं।
क्या है मामला
एक युवती के परिवाद पर जयपुर महानगर प्रथम की अदालत ने चाकसू थानाधिकारी को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
23 मई 2025 को कोर्ट के आदेश के अनुसार चाकसू पुलिस थाने में नाबालिग के साथ गैंगरेप सहित पॉक्सो की अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
बाद में ट्रायल कोर्ट में दिए बयानों में पीड़िता ने खुद को बालिग बताते हुए घटना के मामले में अपने बयान दर्ज कराए।
पुलिस ने करीब 3 माह बाद, 17 अगस्त 2025 को नानगराम को पीड़िता के साथ गैंगरेप का आरोपी बताते हुए गिरफ्तार किया।
पीड़िता ने किया इंकार
पुलिस द्वारा नानगराम की गिरफ्तारी को पीड़िता ने गलत बताते हुए ट्रायल कोर्ट में शपथपत्र पेश किया।
पीड़िता के शपथपत्र के अनुसार उसके साथ गैंगरेप करने वालों में नानगराम शामिल नहीं था और पुलिस ने उसे गलत तरीके से गिरफ्तार किया।
आरोपी की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर करने पर हाईकोर्ट में भी पीड़िता पेश हुई।
18 सितंबर को हाईकोर्ट में पेश हुई पीड़िता ने एक बार फिर से घटना में नानगराम की संलिप्तता से इंकार किया। इस मामले में पीड़िता और उसकी मां की ओर से भी शपथपत्र पेश किए गए।
पुलिस ने अवैध हिरासत में रखा
आरोपी नानगराम के अधिवक्ता अब्दुल हमीद खान ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में चाकसू पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
याचिका में आरोप लगाया गया कि पुलिस ने आरोपी को 17 अगस्त 2025 को नहीं बल्कि 13 अगस्त 2025 से हिरासत में रखा।
13 अगस्त से गायब होने के कारण नानगराम की पत्नी ने चाकसू थाने में अपने पति की गुमशुदगी भी दर्ज कराई।
याचिका में आरोप है कि चाकसू थानाधिकारी ने आरोपी को 13 से 17 अगस्त तक हिरासत में रखने के साथ-साथ उत्पीड़न किया और गुमशुदगी की सूचना स्टेट ब्यूरो को नहीं दी।
एसीजेएम कोर्ट और पॉक्सो एक्ट
आरोपी ने हाईकोर्ट में याचिका में एसीजेएम कोर्ट 19, चाकसू के क्षेत्राधिकार पर सवाल उठाए।
याचिका के अनुसार, यदि पीड़िता नाबालिग थी तो उसे पॉक्सो कोर्ट में पेश किया जाना चाहिए था। लेकिन पुलिस ने उसे चाकसू एसीजेएम कोर्ट में पेश किया और एसीजेएम कोर्ट ने अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
याचिका में कहा गया कि केवल पॉक्सो कोर्ट ही पुलिस को पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे सकती है।
अलग याचिका दायर करने के आदेश
हाईकोर्ट ने मामले की आगे की जांच और अवैध हिरासत के आरोपों के मद्देनजर अलग से अपराधिक विविध याचिका दायर करने के आदेश दिए हैं।
अगली सुनवाई 24 सितंबर को तय की गई है।