जयपुर। राजस्थान बार काउंसिल चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है।
शनिवार को नामांकन के अंतिम दिन तक कुल 234 अधिवक्ताओं ने दावेदारी ठोक दी, जिससे यह चुनाव इस बार बेहद कड़ा और प्रतिस्पर्धी हो गया है।
बार काउंसिल के कुल 25 सदस्य में से 23 सदस्य सीधे मतदान से चुने जाएंगे, जबकि 2 सदस्य सह-नामित (co-nominated) होंगे।
खास बात यह है कि इस बार पहली बार 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं, जिससे महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी भी बढ़ी है।

नामांकन का पूरा गणित: किस दिन कितने फॉर्म जमा हुए
नामांकन प्रक्रिया 23 मार्च से शुरू होकर अंतिम दिन तक जारी रही, जिसमें हर दिन अधिवक्ताओं का उत्साह देखने को मिला—
23 मार्च (सोमवार): 16 नामांकन
24 मार्च (मंगलवार): 59 नामांकन
25 मार्च (बुधवार): 60 नामांकन
26 मार्च (गुरुवार): 46 नामांकन
27 मार्च (शुक्रवार): 37 नामांकन
अंतिम दिन (शनिवार): 16 नामांकन
अब तक कुल मिलाकर 234 नामांकन दाखिल, जिसने चुनाव को हाई-वोल्टेज बना दिया है।

22 अप्रैल को होगा मतदान, 84 हजार से ज्यादा वकील करेंगे वोट
इस चुनाव में प्रदेशभर के करीब 84,247 अधिवक्ता मतदान करेंगे, जबकि जयपुर क्षेत्र में ही 22,000 से अधिक वोटर्स हैं।
इतनी बड़ी संख्या में मतदाता होने के कारण चुनाव का परिणाम बेहद अहम माना जा रहा है।
अब स्क्रूटनी शुरू, 2 अप्रैल के बाद तस्वीर होगी साफ
नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब स्क्रूटनी (जांच) शुरू हो चुकी है।
स्कूटनी के बाद अब 31 मार्च 2026 को शाम में प्रारंभिक प्रत्याशी सूची जारी की जाएगी.
जिसके बाद अगले दो दिन तक प्रत्याशी अपने नाम वापस ले सकेंगे.
गौरतलब हैं कि 2 अप्रैल 2026 (शाम 5 बजे तक): नाम वापस लेने की अंतिम तिथि हैं.
2 अप्रैल शाम 5 बजे के बाद कमेटी की ओर से अंतिम उम्मीदवारों की सूची जारी कि जाएगी.
महिला आरक्षण से बदलेगा चुनावी समीकरण
इस बार 5 सीटों का महिला आरक्षण चुनाव की दिशा बदल सकता है।
इससे न केवल महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि चुनावी रणनीतियों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
मुकाबला क्यों है खास?
करीब 8 साल बाद हो रहे राजस्थान बार काउंसिल के इस बार के चुनाव बेहद खास होने जा रहे हैं.
पहले ही चुनावों में एक लंबा वक्त बित चुका हैं दूसरी तरफ रिकॉर्ड स्तर पर नामांकन दाखिल किए गए हैं.
पहली बार— बार काउंसिल में महिला आरक्षण के चलते 5 सीटे रिजर्व होगी ऐसे में इस बार प्रतियोगिता बेहद रोमाचंक होगी.
इसके साथ प्रदेशभर में 84 हजार से अधिक अधिवक्ता मतदाता होने से भी इस बार चुनाव काफी रोमाचंक होंगे.