कोर्ट ने कहा-जनहित से जुड़े कार्यों में अनावश्यक बाधा नहीं डाली जा सकती
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने भीलवाड़ा जिले के हुरड़ा क्षेत्र स्थित आदर्श नगर कॉलोनी में प्रस्तावित जल टंकी निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए साफ कर दिया कि जनहित से जुड़े कार्यों में अनावश्यक बाधा नहीं डाली जा सकती।
हाईकोर्ट ने कहा कि जल टंकी का निर्माण बड़े सार्वजनिक हित में किया जा रहा है और इससे स्थानीय निवासियों सहित आसपास के क्षेत्रों को भी पानी की सुविधा मिलेगी।
पानी की टंकी और विवाद
यह मामला जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें याचिकाकर्ताओं ने हुरड़ा की आदर्श नगर कॉलोनी में जल टंकी के निर्माण का विरोध करते हुए अदालत से एनओसी (NOC) रद्द करने और निर्माण कार्य रोकने की मांग की थी।
याचिका में यह भी कहा गया था कि पहले इस जल टंकी का स्थान खसरा संख्या 32 पर निर्धारित था, लेकिन बिना किसी उचित कारण के इसे बदलकर खसरा संख्या 63 पर निर्माण शुरू कर दिया गया, जो मनमाना और अवैध है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में यह तर्क रखा गया कि जिस जमीन पर जल टंकी बनाई जा रही है, वह आदर्श नगर कॉलोनी के लिए निर्धारित सार्वजनिक उपयोग की भूमि है, लेकिन इस टंकी से कॉलोनी के निवासियों को पानी नहीं मिलेगा, बल्कि अन्य दूरस्थ क्षेत्रों में जल आपूर्ति की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी कर यह निर्माण किया जा रहा है, इसलिए इसे रोका जाना चाहिए।
सरकार का आश्वासन
वहीं, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत में विस्तृत जवाब प्रस्तुत करते हुए याचिकाकर्ताओं के आरोपों को खारिज किया।
सरकार ने स्पष्ट किया कि जल टंकी का निर्माण केवल अन्य क्षेत्रों के लिए नहीं, बल्कि आदर्श नगर कॉलोनी के निवासियों के लिए भी किया जा रहा है। इसके साथ ही, यह भी बताया गया कि कॉलोनी के कुछ हिस्सों में अब तक पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी, जिसे इस टंकी के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा।
सरकार ने यह भी तर्क दिया कि जल टंकी का निर्माण बड़े सार्वजनिक हित में किया जा रहा है और इसे जल्द से जल्द पूरा करना आवश्यक है, खासकर गर्मी के मौसम को देखते हुए, ताकि क्षेत्र में पानी की समस्या का समाधान हो सके।
हाईकोर्ट का आदेश
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने माना कि याचिका मुख्य रूप से इस आधार पर दायर की गई थी कि कॉलोनी की भूमि का उपयोग जल टंकी निर्माण के लिए किया जा रहा है और इससे स्थानीय निवासियों को लाभ नहीं मिलेगा।
हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार के इस आश्वासन को महत्वपूर्ण माना कि जल टंकी से आदर्श नगर कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों को भी पानी की आपूर्ति की जाएगी।
हाईकोर्ट ने कहा कि जब यह स्पष्ट है कि परियोजना से स्थानीय निवासियों को भी लाभ मिलेगा, तो केवल भूमि उपयोग के आधार पर निर्माण कार्य को रोका नहीं जा सकता।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि जल टंकी का निर्माण बड़े जनहित में है और इससे उन क्षेत्रों को भी पानी मिलेगा, जहां पहले पर्याप्त जल आपूर्ति नहीं थी।
कोर्ट ने यह भी कहा कि सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े प्रोजेक्ट्स को अनावश्यक विवादों में उलझाना उचित नहीं है।
अंततः हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निस्तारण करते हुए राज्य सरकार और संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि जल टंकी का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इस टंकी से आदर्श नगर कॉलोनी के निवासियों को भी नियमित रूप से पानी की आपूर्ति हो।