चुनाव से 40 दिन पहले अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और महासचिव दीपेश शर्मा ने जारी किया जनरल नोटिस; प्रेम शंकर शर्मा, मनीष गुप्ता और डॉ. पुष्पेंद्र पाल सिंह को सौंपी चुनाव की कमान, सहयोग के लिए करीब 48 अधिवक्ताओं की टीम तैयार
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर के बहुप्रतीक्षित वार्षिक चुनाव का बिगुल बज गया है।
एसोसिएशन के 43वें अध्यक्ष, महासचिव सहित कुल 17 पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों के निर्वाचन के लिए 11 दिसंबर 2026 को मतदान होगा।
चुनाव की तारीख घोषित होने के साथ ही बार में चुनावी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं।
निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए वर्तमान अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और महासचिव दीपेश शर्मा ने तीन सदस्यीय चुनाव समिति का गठन कर दिया है।
हाईकोर्ट बार की ओर से कि गयी इस नियुक्ति के अनुसार राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव 11 दिसंबर (शुक्रवार) को आयोजित किए जाएंगे।
चुनाव की निर्धारित तारीख से लगभग 40 दिन पहले निर्वाचन प्रक्रिया की तैयारियों को औपचारिक रूप दे दिया गया है।
चुनाव समिति की नियुक्ति के साथ ही एसोसिएशन के आगामी चुनावों को लेकर अधिवक्ताओं के बीच चर्चाएं और गतिविधियां शुरू हो गई हैं।

तीन सदस्यीय चुनाव समिति गठित, इन अधिवक्ताओं को मिली जिम्मेदारी
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल और महासचिव दीपेश शर्मा ने बताया कि तीन सदस्यीय चुनाव समिति में वरिष्ठता और अनुभव रखने वाले तीन अधिवक्ताओं को शामिल किया गया है, जिनमें प्रेम शंकर शर्मा, मनीष गुप्ता और
डॉ. पुष्पेंद्र पाल सिंह शामिल हैं.
निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए इन चुनाव अधिकारियों के सहयोगार्थ करीब 48 अधिवक्ताओं की एक प्रारंभिक टीम भी गठित की गई है।
अब चुनाव समिति के सामने निर्धारित समय में पूरी निर्वाचन प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी होगी।
दीपेश शर्मा
महासचिव दीपेश शर्मा ने कहा कि आगामी चुनाव राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा 24 अगस्त 2023 को दिए गए आदेश की पालना में दिसंबर के दूसरे शुक्रवार को आयोजित किए जा रहे हैं।
चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से अदालत द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करते हुए किये जायेंगे.
महिला अधिवक्ताओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण, 5 पद होंगे सुरक्षित
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव एक और महत्वपूर्ण बदलाव के कारण चर्चा में हैं।
हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने कहा कि इस बार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप एसोसिएशन के कुल 17 पदों में से 30 प्रतिशत पद महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित किए गए हैं।
इसके तहत करीब पांच पद महिलाओं के लिए सुरक्षित रहेंगे।
राजीव सोगरवाल
अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने इस व्यवस्था का स्वागत करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप पहली बार महिला अधिवक्ताओं को प्रतिनिधित्व देने के लिए पद आरक्षित किए जा रहे हैं।
इससे बार की निर्णय प्रक्रिया में महिला अधिवक्ताओं की भागीदारी बढ़ेगी और संगठनात्मक नेतृत्व में उन्हें अधिक अवसर मिलेंगे।
यह व्यवस्था अधिवक्ता संगठनों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व और सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बार अध्यक्ष और महासचिव ने विश्वास जताया कि नियुक्त चुनाव अधिकारी पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और संगठन की परंपरागत गरिमा के अनुरूप निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराएंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार व्यवस्थित तरीके से संपन्न होंगे।
बार की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप चुनाव कराने का प्रयास
‘लॉज एंड लीगल्स’ से बातचीत में चुनाव समिति के सदस्य अधिवक्ता प्रेम प्रकाश शर्मा और पुष्पेंद्र पाल सिंह ने कहा कि उनकी प्राथमिकता राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की गौरवशाली परंपराओं और गरिमा के अनुरूप चुनाव संपन्न कराना होगी।
उन्होंने कहा कि वे पूरी जिम्मेदारी के साथ प्रयास करेंगे कि निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष, सुव्यवस्थित और पारदर्शी रहे तथा प्रत्येक अधिवक्ता को चुनाव में सहभागिता का उचित अवसर मिले।
प्रेम शंकर शर्मा -डॉ. पुष्पेंद्र पाल सिंह
11 दिसंबर को तय होगा बार का नया नेतृत्व
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के आगामी चुनाव कई मायनों में महत्वपूर्ण हैं। एक ओर एसोसिएशन के 43वें अध्यक्ष और नई कार्यकारिणी का निर्वाचन होना है, वहीं दूसरी ओर महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था इस बार के चुनाव को विशेष बना रही है।
तीन सदस्यीय चुनाव समिति की नियुक्ति के साथ ही चुनावी प्रक्रिया ने औपचारिक गति पकड़ ली है।
अब अधिवक्ताओं की निगाहें चुनाव कार्यक्रम, नामांकन, उम्मीदवारों की दावेदारी और मतदान की तैयारियों पर रहेंगी।
11 दिसंबर को होने वाला मतदान केवल नई कार्यकारिणी का चयन नहीं करेगा, बल्कि राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के आगामी कार्यकाल की दिशा, नेतृत्व और संगठनात्मक प्राथमिकताएं भी तय करेगा।