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राजस्थान के गांव-गांव पहुंचेगा हाईकोर्ट! तीन ई-सेवा मोबाइल वैन शुरू, अब दूरदराज क्षेत्रों में भी मिलेगी न्यायिक सेवाओं की सुविधा

Rajasthan High Court to Reach Remote Villages Through 3 E-Service Mobile Vans

जयपुर। राजस्थान में न्याय तक आमजन की पहुंच आसान बनाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। अब न्यायिक सेवाएं केवल अदालतों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के दूरदराज गांवों, दुर्गम क्षेत्रों और ग्रामीण चौपालों तक पहुंचेंगी।

राजस्थान हाईकोर्ट और राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित होने वाली तीन मोबाइल वैन ई सेवा को राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस पहल के जरिए उन लोगों को भी न्यायिक व्यवस्था से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिन्हें भौगोलिक दूरी, आर्थिक कठिनाइयों और संसाधनों के अभाव में अदालतों तक पहुंचने में परेशानी होती है।

मोबाइल वैन के माध्यम से अब गांवों में ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ने, मुकदमों की स्थिति जानने और कानूनी सहायता प्राप्त करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

अदालतों तक पहुंचने की मजबूरी नहीं, गांव में ही मिलेंगी न्यायिक सेवाएं

मोबाइल वैन के संचालन का प्रमुख उद्देश्य न्यायिक सेवाओं को न्यायालय परिसरों से बाहर निकालकर सीधे आमजन तक पहुंचाना है।

इन वैन में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं के माध्यम से आम नागरिक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ सकेंगे।

इसके साथ ही अपने मुकदमों की वर्तमान स्थिति, केस से संबंधित आवश्यक जानकारी और अदालतों से जुड़ी अन्य सूचनाएं भी प्राप्त कर सकेंगे।

यह व्यवस्था विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, दूरस्थ इलाकों और उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जिन्हें छोटी-छोटी न्यायिक जानकारियों के लिए भी जिला मुख्यालय या न्यायालय तक जाना पड़ता है।

सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी और केंद्रीय विधि मंत्रालय की पहल

रालसा के सदस्य सचिव हरिओम शर्मा अत्री के अनुसार ये तीनों ई-सेवा मोबाइल वैन सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी और केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के न्याय विभाग की पहल पर उपलब्ध कराई गई हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट और रालसा के संयुक्त प्रयासों से इनका संचालन किया जाएगा, ताकि तकनीक के माध्यम से न्यायिक सेवाओं की पहुंच प्रदेश के अंतिम छोर तक सुनिश्चित की जा सके।

गांवों और चौपालों पर लगेंगे विधिक जागरूकता शिविर

इन मोबाइल वैन का उपयोग केवल न्यायिक सूचनाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा। इनके माध्यम से गांव-गांव और चौपालों पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

इन कार्यक्रमों में आमजन को उनके कानूनी अधिकारों, मुफ्त विधिक सहायता, न्यायिक योजनाओं और जरूरतमंदों के लिए उपलब्ध कानूनी सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।

विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और न्यायिक सहायता से वंचित लोगों को विधिक सेवा प्राधिकरण की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश और रालसा के अधिकारी रहे मौजूद

ई-सेवा मोबाइल वैन के शुभारंभ के अवसर पर राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ के सभी न्यायाधीश और रालसा के अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल ने तीनों मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

रालसा के सदस्य सचिव डॉ हरी ओम शर्मा अत्री कहते हैं कि आम जन तक न्याय की पहुंच में किसी व्यक्ति की भौगोलिक स्थिति, आर्थिक परिस्थिति या संसाधनों की कमी के कारण बाधित नहीं होनी चाहिए। अब हाईकोर्ट और विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाएं प्रदेश के दूरस्थ गांवों तक पहुंचाने की दिशा में काम शुरू हो गया है।

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