जोधपुर/जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में प्रत्येक माह के दो शनिवार को कार्यदिवस घोषित किए जाने के निर्णय को लेकर अधिवक्ताओं का विरोध और तेज हो गया है।
इसी क्रम में जोधपुर और जयपुर की तीनों प्रमुख बार एसोसिएशनों ने संयुक्त बैठक कर 24 जनवरी 2026, शनिवार को न्यायिक कार्य से स्वैच्छिक रूप से अनुपस्थित रहने का निर्णय लिया है।
यह निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया है, जिसे अधिवक्ता समुदाय के बीच व्यापक समर्थन मिल रहा है

तीनों बार एसोसिएशनों
बुधवार को आयोजित इस बैठक में राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर, राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर तथा राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक का मुख्य विषय 20 दिसंबर 2025 को Rajasthan High Court द्वारा जारी उस अधिसूचना पर विचार करना था, जिसमें प्रत्येक माह के दो शनिवार को हाईकोर्ट में कार्यदिवस घोषित किया गया था।
बार एसोसिएशनों का कहना है कि इस निर्णय से अधिवक्ताओं के कार्य-जीवन संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विशेषकर दूर-दराज़ से आने वाले अधिवक्ताओं, महिला अधिवक्ताओं और कनिष्ठ वकीलों को इससे गंभीर व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
समिति की रिपोर्ट
एसोसिएशनों ने यह भी बताया कि इस विषय में 6 जनवरी 2026 को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां और सुझाव प्रस्तुत किए गए थे, जिसके बाद न्यायाधीशों की एक समिति के गठन की जानकारी दी गई थी।
हालांकि, समिति की रिपोर्ट के संबंध में अब तक कोई औपचारिक सूचना या सकारात्मक आश्वासन नहीं दिया गया है।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि लंबे समय से संवाद और निर्णय की प्रतीक्षा के बावजूद जब कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया, तब अधिवक्ताओं को विरोध का रास्ता अपनाने के लिए विवश होना पड़ा।
इस मामले निर्णय लिया गया कि 24 जनवरी 2026, शनिवार को जोधपुर और जयपुर दोनों पीठों में अधिवक्ता न्यायिक कार्य में उपस्थित नहीं रहेंगे।
बार एसोसिएशनों ने चेतावनी दी है कि यदि शनिवार को कार्यदिवस बनाए रखने के मुद्दे पर शीघ्र ही हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा कोई सकारात्मक और संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया, तो भविष्य में और अधिक व्यापक आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।