जयपुर, 2 अक्टूबर
Rajasthan Highcourt ने नवरात्रा और विजयादशमी के अवसर पर जेलों में न्यायिक हिरासत में बंद 12 से अधिक आरोपियों को सशर्त जमानत दी है.
अधिकांश आरोपी 18 से 30 वर्ष के युवा हैं, जबकि जमानत प्राप्त करने वालों में में 60 वर्षीय महिला और मुस्लिम युवक भी शामिल हैं. सभी आरोपियों ने विजयादशमी और नवरात्रा के त्यौहार अपने परिवार के साथ मनाने की मांग को लेकर जमानत याचिका दायर की थी।
Justice Ashok Kumar Jain की एकलपीठ ने विभिन्न मामलों में न्यायिक हिरासत में बंद आरोपियों को जमानत दी। अदालत ने पाया कि आरोपियों से किसी प्रकार की रिकवरी शेष नहीं है, जांच पूरी हो चुकी है और हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं है।
अदालत ने सभी मामलों में पाया कि आरोपियों के फरार होने, सबूतों से छेड़छाड़ करने या गवाहों को प्रभावित करने का खतरा नहीं है. सभी को ₹50,000 के निजी मुचलके और दो समान राशि की जमानतदारों के साथ रिहा करने का आदेश दिया गया.
केस 1
झालावाड़ के 19 वर्षीय रामनारायण उर्फ गंगाराम के खिलाफ आपसी मारपीट और धमकी देने का मामला दर्ज हुआ था।
याचिकाकर्ता की दलील थी कि उसे झूठा फँसाया गया है, जांच पूरी हो चुकी है और अब उसकी हिरासत की कोई आवश्यकता नहीं है।
Rajasthan Highcourt ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि अभियुक्त के फरार होने या सबूतों से छेड़छाड़ की कोई आशंका नहीं है। अदालत ने ₹50,000 के निजी मुचलके और दो जमानतदारों की शर्त पर जमानत मंजूर की।
केस 2
रहीश, शहरन और भजनलाल के खिलाफ अलवर के गोविंदगढ़ में साइबर धोखाधड़ी सहित कई अन्य धाराओं में दर्ज मामले में जमानत दी गई है।
आरोपियों की ओर से दलील थी कि जांच पूरी हो चुकी है और अब उनकी पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कथित पीड़ित ने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज नहीं कराया है और आरोपी साइबर अपराध गतिविधियों में शामिल नहीं हैं।
Rajasthan Highcourt ने तीनों आरोपियों को ₹50,000 के निजी मुचलके और समान राशि की दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया।
केस 3
Rajasthan Highcourt ने सीकर निवासी 23 वर्षीय अशोक कुमार पुत्र पप्पूराम को शाहपुरा थाने में दर्ज मुकदमों में जमानत दी है।
आरोपी के खिलाफ नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ यौन शोषण करने के आरोप लगाए गए थे।
लेकिन कोर्ट में बयानों के दौरान नाबालिग पीड़िता और उसकी मां दोनों ने अदालत में ऐसी घटना से इनकार कर दिया।
पीड़िता ने कोर्ट में कहा कि आरोपी ने उसका यौन शोषण नहीं किया। वहीं मेडिकल जांच में पीड़िता की उम्र 16 से 18 वर्ष के बीच मानी गई।
केस 4
Rajasthan Highcourt ने 60 लाख की डकैती के एक मुकदमे के आरोपी मिथुन अग्रवाल को सशर्त जमानत दी है।
मिथुन अग्रवाल पर आरोप है कि वह 60 लाख की एक संगठित धोखाधड़ी में शामिल था और उसने अपराध को अंजाम देने में भूमिका निभाई।
बचाव पक्ष में कहा गया कि आरोप और प्रतिवादी दोनों पड़ोसी थे और पैसों के लेन-देन के मामले को डकैती में दर्ज कराया गया। जबकि आरोपी से 40 लाख रिकवर कर लिए गए।
हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी को जेल में रखने का कोई कारण नहीं है और वह जमानत की शर्तों का पालन करेगा, इसलिए जमानत मंजूर की गई।
केस 5
अलवर निवासी 30 वर्षीय असलम पुत्र मुहर खान ने भी नवरात्रा और विजयादशमी का त्योहार परिवार के साथ मनाने के लिए जमानत की मांग की।
Rajasthan Highcourt ने आरोपी के फरार होने, सबूतों से छेड़छाड़ करने या गवाहों को प्रभावित करने का खतरा नहीं होने के आधार पर सशर्त जमानत दी है।
केस 6
Rajasthan Highcourt ने धौलपुर जेल में न्यायिक हिरासत में कैद 60 वर्षीय महादेवी पत्नी छितरया, 45 वर्षीय बेजंती पत्नी प्रकाश, 55 वर्षीय श्रीमती पत्नी रामवीर और 55 वर्षीय रामदीन पुत्र लाहौर को जमानत दी है।
सभी पर आरोप है कि उन्होंने आपराधिक साजिश रची, दूसरों को अपराध के लिए उकसाया और सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की।
अदालत ने देखा कि वे फरार नहीं होंगे, सबूतों में छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे, इसलिए उन्हें जमानत दी गई।
केस 7
Rajasthan Highcourt ने कालोना बांदीकुई सबजेल में बंद 26 वर्षीय खेमराज पुत्र रामखिलाड़ी की जमानत मंजूर की।
आरोपी पर अवैध खनन सहित MMDR Act के तहत गंभीर आरोप हैं। बचाव में कहा गया कि उसे झूठा फँसाया गया है और कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
हाईकोर्ट ने आरोपी को ₹50,000 के निजी मुचलके और दो समान जमानतदारों के साथ रिहा करने का आदेश दिया।
केस 8
Rajasthan Highcourt ने मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाने के आरोपी कालूराम @ कालू @ लक्ष्मण पुत्र शंकर और ओमप्रकाश @ ओम्या @ मायराम पुत्र हरजी को जमानत दी।
बचाव में दोनों आरोपियों ने झूठे फँसाए जाने का दावा किया और जांच पूरी हो जाने की जानकारी दी।
कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने और नवरात्रा एवं विजयादशमी का त्योहार परिवार के साथ मनाने का अनुरोध किया था, जिसे हाईकोर्ट ने मंजूर किया।
केस 9
Rajasthan Highcourt ने अशोक मीणा @ जंगलि पुत्र कृष्णकुमार मीणा के खिलाफ बस्सी थाने में दर्ज मुकदमें में जमानत दी है, जिसमें सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानूनी हर्जाना भरने से जुड़ा आरोप था।
कोर्ट ने यह देखते हुए कि आरोपी फरार होने, सबूतों में छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित करने का खतरा नहीं है, जमानत मंजूर की।
केस 10
अजमेर निवासी कारमा पत्नी दिलीप को हाईकोर्ट ने जमानत दी, जो फिलहाल अजमेर केंद्रीय जेल में बंद थी।
महिला के खिलाफ अवैध शराब रखने, बेचने या उससे संबंधित अपराध में शामिल होने का आरोप है।
आरोपी महिला ने झूठे आरोप होने और जांच पूरी होने का हवाला देते हुए त्यौहार पर जमानत देने की मांग की थी।
Rajasthan Highcourt ने देखा कि आरोपी पर कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है, सबूतों को नुकसान पहुँचाने या गवाहों को प्रभावित करने का खतरा नहीं है। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने आरोपी को ₹50,000 की व्यक्तिगत जमानत और दो समान राशि की सुरक्षा राशि जमा करने की शर्त पर जमानत दे दी।