जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में एक अधिवक्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है कि एक आपराधिक मामले में बिना ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC)’ के जमानत आवेदन पेश किया गया। अधिवक्ता ने इस मामले को पेशेवर आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए बार से उचित कार्रवाई की मांग की है।
अधिवक्ता ने बार अध्यक्ष और महासचिव को संबोधित पत्र में बताया कि वह संबंधित आपराधिक प्रकरण में पहले से अधिवक्ता के रूप में नियुक्त हैं और आरोपी की ओर से जमानत से जुड़े मामलों की पैरवी कर रहे थे।
आरोप है कि इसके बावजूद बिना उनकी जानकारी और बिना NOC लिए किसी अन्य अधिवक्ता द्वारा जमानत आवेदन प्रस्तुत कर दिया गया।
शिकायत में उल्लेख किया गया है कि यह मामला जयपुर के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोपी अनिल कुमार और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज है। प्रकरण में पहले अधिवक्ता की ओर से जमानत आवेदन Highcourt में प्रस्तुत किया गया था, जिस पर अदालत ने सुनवाई करते हुए आदेश भी पारित किया।
शिकायतकर्ता अधिवक्ता का कहना है कि इसके बाद भी उसी प्रकरण में बिना NOC लिए एक और जमानत आवेदन हाईकोर्ट में पेश कर दिया गया। अधिवक्ता ने इसे बार की परंपरा और पेशेवर मर्यादा के खिलाफ बताया है।
पत्र में यह भी कहा गया है कि संबंधित जमानत आवेदन हाईकोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जबकि पहले से दायर जमानत आवेदन लंबित था। ऐसे में बिना NOC लिए नए आवेदन का प्रस्तुत किया जाना अधिवक्ताओं के बीच निर्धारित नियमों का उल्लंघन है।
शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि जिस प्रकरण में जमानत आवेदन दायर किया गया, उसमें आरोपी इस समय जेल में है और मामले की सुनवाई चल रही है। इसके बावजूद बिना जानकारी के दूसरा आवेदन दायर करना उचित नहीं है।
अधिवक्ता ने बार पदाधिकारियों से अनुरोध किया है कि मामले की जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिवक्ताओं के खिलाफ बार के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।
शिकायत की हैं, कल कोर्ट में मेंशन करेंगे
मेरी ओर से जमानत याचिका पहले से ही पेश कि जा चुकी हैं उस पर कोर्ट ने एक आदेश भी दिया हैं, लेकिन इसी मामले में एक ओर जमानत याचिका पेश कि गयी जो कि कानूनी पेश के खिलाफ हैं. हमारी जानकारी में आज ही आया हैं तो तुरंत बार में हमने इसकी शिकायत की हैं, कल हम इसे कोर्ट में मेंशन करेंगे.
कुंदन सिंह, अधिवक्ता राजस्थान हाईकोर्ट
मेरी जानकारी में अभी नहीं आई हैं..
इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने कहा कि वे फिलहाल बाहर हैं और बार कार्यालय में ये शिकायत आयी हो तो फिलहाल मुझे जानकारी नहीं हैं.
पति की मौत के बाद बीमा की करोड़ों की राशि हड़पने का आरोप
मामला जयपुर के जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
मामले में आरोप हैं कि पति की मौत के बाद मृतक की बीमा पॉलिसी से मिलने वाली एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
रिकॉर्ड के अनुसार मृतक एक निजी कंपनी में कार्यरत था और उसने जीवन बीमा पॉलिसी कराई हुई थी। सड़क दुर्घटना में उसकी मृत्यु के बाद बीमा राशि मिलने की प्रक्रिया शुरू हुई। आरोप है कि इसी दौरान मृतक की पत्नी से बहला-फुसलाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए और बैंक खाता खोलकर बीमा राशि ट्रांसफर कर ली गई।
इस मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने मामले को गंभीर आर्थिक अपराध बताते हुए जांच जारी रहने की बात कही। पुलिस फिलहाल पूरे मामले में बैंक लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
इसी बीच जमानत आवेदन को लेकर अधिवक्ताओं के बीच विवाद शुरू हुआ जो अब बार तक पहुंच गया हैं.