जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने जिला क्रिकेट संघ (डीसीए) चित्तौड़गढ़ के लंबे समय से नहीं हो रहे चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया हैं.
जस्टिस कुलदीप माथुर की एकलपीठ ने राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे मामले की समीक्षा कर जिला क्रिकेट संघ चित्तौड़गढ़ की एडहॉक कार्यकारिणी समिति को चुनाव कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करें।
हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को यथाशीघ्र पूरा किया जाए और संभव हो तो तीन महीने के भीतर इसे संपन्न कराया जाए।
यह आदेश चित्तौड़गढ़ निवासी शक्ति सिंह राठौड़ और जिला क्रिकेट संघ चित्तौड़गढ़ की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया हैं.
याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि जिला क्रिकेट संघ की कार्यकारिणी के चुनाव वर्ष 2024–28 के लिए निर्धारित थे और इसके लिए 19 जुलाई 2024 को चुनाव संबंधी अधिसूचना भी जारी की गई थी।
याचिका में कहा गया कि चुनाव प्रक्रिया शुरू भी हो गई थी और मतदाता सूची प्रकाशित करने तथा आपत्तियां आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही थी।
हालांकि बाद में किसी कारण से यह प्रक्रिया रुक गई और अब तक चुनाव नहीं कराए गए।
याचिकाकर्ताओं ने अदालत से अनुरोध किया कि चुनाव प्रक्रिया को उसी चरण से दोबारा शुरू कराया जाए जहां से वह रुकी थी।
एडहॉक कमेटी भी नहीं करा पाई चुनाव
30 जुलाई 2024 को उप-पंजीयक सहकारी समितियां, चित्तौड़गढ़ ने राजस्थान खेल अधिनियम 2005 की धारा 24(1)(a) और राजस्थान खेल नियम 2004 के नियम 9(1) के तहत एक एडहॉक कमेटी का गठन किया था।
इस कमेटी को जिला क्रिकेट संघ के कार्यों का संचालन करने की जिम्मेदारी दी गई थी और साथ ही तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का आदेश दिया गया था.
लेकिन इसके बावजूद काफी समय बीत जाने के बाद भी चुनाव नहीं कराए गए।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि चुनाव नहीं होने के कारण जिले में क्रिकेट गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और खिलाड़ियों तथा खेल संगठनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राज्य सरकार की आपत्ति
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से यह तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता इस मामले में याचिका दायर करने के लिए पात्र नहीं हैं।
सरकार के वकील ने कहा कि शक्ति सिंह राठौड़ भंग की जा चुकी जिला क्रिकेट संघ की कार्यकारिणी के सचिव थे, इसलिए उन्हें इस मामले में याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है।
इसके अलावा यह भी कहा गया कि जिस एडहॉक समिति को चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई थी, उसे इस याचिका में पक्षकार नहीं बनाया गया है, इसलिए याचिका तकनीकी रूप से अपूर्ण है।
हाईकोर्ट के आदेश
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में मुख्य मुद्दा जिला क्रिकेट संघ के चुनावों में हो रही देरी का है। अदालत ने माना कि खेल गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए समय पर चुनाव होना जरूरी है।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि चुनाव लंबे समय तक लंबित रहते हैं तो इससे खेल संगठनों के कामकाज और खिलाड़ियों के हित प्रभावित होते हैं।
इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका का निस्तारण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए।
तीन महीने में चुनाव कराने का आदेश
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में उप-पंजीयक सहकारी समितियां, चित्तौड़गढ़ को निर्देश दिया कि वे पूरे मामले की समीक्षा करें और जिला क्रिकेट संघ चित्तौड़गढ़ की एडहॉक कार्यकारिणी समिति को चुनाव कराने के लिए उचित दिशा-निर्देश जारी करें।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया राजस्थान खेल (पंजीकरण, मान्यता और संघों के विनियमन) अधिनियम, 2005, राजस्थान खेल नियम, 2004 तथा जिला क्रिकेट संघ के उपनियमों के अनुसार कराई जानी चाहिए।
साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए और यथासंभव तीन महीने के भीतर चुनाव कराए जाएं।