23 साल पुराने मामलों में दर्ज एफआईआर को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा परिवार; तीनों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर भी रोक
जोधपुर। हनुमानगढ़ विधायक गणेश बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल और बेटी वंदना जैन को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
हाईकोर्ट ने तीनों के खिलाफ दर्ज अलग-अलग एफआईआर के मामले में गिरफ्तारी और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
मामले में हाईकोर्ट ने विस्तृत आदेश सुरक्षित रखते हुए प्रकरण को दो दिन बाद पुनः सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
दूसरी एफआईआर में विधायक को राहत
विधायक गणेश बंसल फिलहाल एक मामले में पुलिस रिमांड पर हैं। इसी बीच उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर संख्या 625 में हाईकोर्ट ने राहत प्रदान की है। इस एफआईआर में कथित धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
याचिका में बताया गया कि जिस घटना से संबंधित मामला दर्ज किया गया है, वह वर्ष 2003 की है, जबकि एफआईआर वर्ष 2026 में दर्ज की गई है।
हाईकोर्ट में क्या दलील दी गई?
अधिवक्ता कुणाल उपाध्याय के माध्यम से दायर याचिकाओं में आरोप लगाया गया कि ये मामले राजनीतिक उद्देश्य से दर्ज किए गए हैं और करीब 23 वर्ष पुराने घटनाक्रम से जुड़े हैं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी दलील दी गई कि पूर्व में इन प्रकरणों में अन्य आरोपियों के संबंध में अदालतों द्वारा बरी किए जाने के आदेश दिए जा चुके हैं।
हाईकोर्ट ने इन दलीलों पर सुनवाई के बाद फिलहाल तीनों याचिकाकर्ताओं को गिरफ्तारी और दंडात्मक कार्रवाई से राहत देते हुए विस्तृत आदेश सुरक्षित रख लिया है।
19 सितंबर को हुई थी विधायक की गिरफ्तारी
गौरतलब है कि विधायक गणेश बंसल को 19 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले 18 सितंबर की शाम करीब 4:30 बजे नोटिस भेजकर उन्हें शाम 5 बजे हनुमानगढ़ थाने में उपस्थित होने के लिए कहा गया था।
अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद मामले में आगे की कार्रवाई और अदालत के विस्तृत आदेश पर निगाहें टिकी हैं। हाईकोर्ट ने प्रकरण को दो दिन बाद दोबारा सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए हैं।
