जयपुर, 14 नवंबर
प्रदेशभर में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर Rajasthan Highcourt ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार से विस्तृत रोड सेफ्टी एक्शन प्लान मांगा है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश Justice Sanjeev Prakash Sharma और Justice Baljinder Singh Sandhu की खंडपीठ ने सरकार को रोड सेफ्टी पर 26 नवंबर तक ड्राफ्ट पेश करने का आदेश दिया है।
Highcourt ने कहा कि ड्राफ्ट में प्रदेशभर की सड़क सुरक्षा, पुलिस गश्त, ब्लैक स्पॉट, यातायात प्रबंधन और दुर्घटना रोकथाम के उपायों का पूरा खाका होना चाहिए.
चार–पांच दिन ही पुलिस नजर आई
Highcourt ने जयपुर के हरमाड़ा क्षेत्र में हाल ही हुई दुर्घटनाओं और मौतों पर गहरी चिंता जताते हुए टिप्पणी की कि घटना वाले दिन के बाद वहां पुलिस की कोई स्थायी मौजूदगी नहीं रहती, जिससे हादसों की पुनरावृत्ति बढ़ रही हैकार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा—
“हरमाड़ा में पिछले दिनों फिर से दुर्घटनाओं में मौत हुई है।”
“वहां उस दिन की घटना के बाद कोई पुलिस वाला नहीं रहता मौजूद।”
“चार–पांच दिन ही पुलिस नजर आई, उसके बाद फिर से वही स्थिति हो गई।”
अदालत ने स्पष्ट कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी और स्थायी कदम न उठाना गंभीर लापरवाही है।
सरकार का जवाब -ड्राफ्ट तैयार
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने पैरवी करते हुए कोर्ट को जानकारी दी कि नेशनल रोड सेफ्टी एक्शन प्लान 2021–2030 और नेशनल रोड सेफ्टी पॉलिसी–2010 के अनुसार 600 पेज का विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया गया है।
महाधिवक्ता ने ड्राफ्ट को अदालत में पेश करने के लिए कुछ समय मांगा, जिस पर कोर्ट ने 26 नवंबर तक प्लान पेश करने का समय दिया।
पत्र याचिका पर सुनवाई
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट राजेंद्र शर्मा की ओर से पेश की गई पत्र याचिका पर सुनवाई कर रहा है।
याचिका में एडवोकेट राजेंद्र शर्मा ने अदालत को बताया कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा व्यवस्था बेहद कमजोर है और कई स्थानों पर पुलिस की नियमित ड्यूटी नहीं होने के कारण हादसों में लगातार वृद्धि हो रही है।
याचिका में कहा गया कि हरमाड़ा सहित कई प्रमुख मार्गों पर ब्लैक स्पॉट अब भी बने हुए हैं, रात में पुलिस की गश्त नहीं होती, सड़क इंजीनियरिंग की खामियों को ठीक नहीं किया गया है और चेतावनी संकेतों की कमी दुर्घटनाओं को और बढ़ा रही है।
अदालत ने टिप्पणी की कि सड़क सुरक्षा राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है और सरकार को सभी विभागों के साथ समन्वय कर प्रभावी एक्शन प्लान तैयार करना होगा।