जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में न्यायिक कार्यों के त्वरित निस्तारण और बढ़ते लंबित मामलों को देखते हुए एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। हाईकोर्ट की फुल कोर्ट बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार, प्रत्येक माह के दो शनिवार को कार्यदिवस घोषित किया गया है।
इस संबंध में हाईकोर्ट प्रशासन ने शनिवार देर रात आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है।
24 नहीं 17 शनिवार कार्यदिवस
हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, वर्ष 2025 के दौरान लिए गए इस निर्णय का प्रभाव आगामी कैलेंडर वर्ष 2026 में लागू रहेगा।
राजस्थान हाईकोर्ट के फुल कोर्ट के फैसले के समय यह अनुमान लगाया गया था कि हर महीने के दो शनिवार खुले रहने पर सालभर में 24 दिन ज्यादा काम हो सकेगा।
लेकिन राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी कि गयी अधिसूचना में 17 शनिवार को कार्यदिवस घोषित किए गए हैं.
कुछ शनिवार त्यौहार व अन्य कार्यक्रम के चलते छोड़ै गए हैं.

रजिस्ट्रार (प्रशासन) सीमा मेवाड़ा द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वर्ष 2026 में कुल 17 शनिवारों को कार्यदिवस के रूप में निर्धारित किया गया है।
इन दिनों में राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ में नियमित न्यायिक कार्य संचालित होंगे।
ये रहें कार्यदिवस
अधिसूचना के अनुसार, वर्ष 2026 में 24 जनवरी, 7 फरवरी, 21 फरवरी, 7 मार्च, 25 अप्रैल, 2 मई, 16 मई, 4 जुलाई, 18 जुलाई, 1 अगस्त, 22 अगस्त, 5 सितंबर, 26 सितंबर, 31 अक्टूबर, 21 नवंबर, 5 दिसंबर और 19 दिसंबर को पड़ने वाले सभी शनिवार कार्यदिवस रहेंगे।
इन तिथियों पर अदालतों में सामान्य रूप से सुनवाई, वाद सूची और अन्य न्यायिक गतिविधियां संपन्न होंगी।
2 जनवरी को घोषित किया गया अवकाश
हाईकोर्ट प्रशासन ने इसी अधिसूचना के तहत आगामी 2 जनवरी 2026 को अवकाश घोषित करने की भी जानकारी दी है।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान हाईकोर्ट में 20 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक शीतकालीन अवकाश निर्धारित है।
अवकाश के बाद 2 जनवरी को अदालतें खुलनी थीं, लेकिन 2 जनवरी शुक्रवार होने तथा इसके बाद 3 जनवरी शनिवार और 4 जनवरी रविवार का अवकाश होने के कारण, लगातार तीन दिनों की छुट्टियों को देखते हुए 2 जनवरी को भी अवकाश घोषित किया गया है।
अब शीतकालीन अवकाश के उपरांत राजस्थान हाईकोर्ट में नियमित कार्य 5 जनवरी 2026, सोमवार से शुरू होगा।
अधिवक्ताओं ने जताया हैं विरोध
गौरतलब है कि 12 दिसंबर को जैसलमेर में आयोजित राजस्थान हाईकोर्ट की फुल कोर्ट बैठक में प्रत्येक माह के दो शनिवार को कार्यदिवस घोषित करने का फैसला लिया गया था।
इस फैसले के सामने आने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर और जयपुर स्थित बार एसोसिएशनों ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया।
जोधपुर में हाईकोर्ट की दोनों बार एसोसिएशनों ने संयुक्त रूप से पत्र जारी कर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से इस फैसले को वापस लेने का अनुरोध किया था।
वहीं जयपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी अंतिम कार्यदिवस पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
फैसला वापस लेने से इनकार
बार एसोसिएशन जयपुर के पदाधिकारियों ने शनिवार को कार्यदिवस घोषित करने के निर्णय को वापस लेने का आग्रह किया, लेकिन बार सूत्रों के अनुसार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने फुल कोर्ट के फैसले को वापस लेने या उस पर पुनर्विचार करने से इनकार कर दिया है।
माना जा रहा है कि राजस्थान हाईकोर्ट का यह निर्णय देशभर के अन्य हाईकोर्ट के लिए एक रोल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।
आने वाले समय में न्यायिक कार्यों की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से देश के अन्य हाईकोर्ट में भी इस व्यवस्था को लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।