जयपुर, 7 अक्टूबर
राज्य मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल SMS में हुए अग्निकांड मामले में स्वप्रेरणा से संज्ञान (suo motu cognizance) लेते हुए रिपोर्ट मांगी है।
आयोग के चेयरमैन जस्टिस जी. आर. मूलचंदानी ने इस घटना को हृदयविदारक बताते हुए SMS अस्पताल के प्राचार्य और अधीक्षक के साथ ही राज्य के चिकित्सा सचिव से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।
आयोग ने सीएमएचओ जयपुर प्रथम, जयपुर जिला कलेक्टर, और जयपुर पुलिस कमिश्नर को भी नोटिस जारी किया है।
आयोग ने 27 अक्टूबर तक सभी से घटना की पालना रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
तीन अन्य प्रकरणों पर भी लिया संज्ञान
राज्य मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन जस्टिस जी. आर. मूलचंदानी ने SMS अग्निकांड के साथ ही तीन अन्य मामलों में भी संज्ञान लिया है।
हाल ही में खांसी की दवा से हुई मौतों पर भी आयोग ने संज्ञान लिया है।
इसके अलावा, ट्रॉमा सेंटर में प्लास्टर गिरने की घटना, खांसी की सिरप से हुई मौतें, और 10 साल के बच्चे की मौत के बाद आंख निकालने के मामले में भी आयोग ने संज्ञान लिया है।
आयोग ने इन घटनाओं पर भी संबंधित अधिकारियों से 27 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।