जोधपुर/जयपुर। राजस्थान की न्यायपालिका से जुड़े घटनाक्रम ने अब नया और गंभीर मोड़ ले लिया है।
सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस संदीप मेहता के तीन पत्र सामने आने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ से जुड़ी तीनों बार एसोसिएशन संयुक्त रूप से आगे की रणनीति बनाने की तैयारी में हैं।
हाईकोर्ट में जजों के तबादलों से लेकर न्यायिक व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अधिवक्ताओं में बढ़ती चिंता के बीच राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ की तीनों बार एसोसिएशन की ओर से आज आपात बैठक बुलाने की तैयारी की जा रही है।
माना जा रहा है कि इस बैठक में मौजूदा हालात पर विस्तार से चर्चा कर संयुक्त आंदोलन की रणनीति तय की जा सकती है।
सूत्रों के अनुसार, यदि बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में सहमति बनती है तो जोधपुर और जयपुर में अधिवक्ता विरोध को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं.
हालांकि अंतिम फैसला आपात बैठक और तीनों बार एसोसिएशन के संयुक्त निर्णय के बाद ही होगा।
यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि राजस्थान हाईकोर्ट की न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों ने अब अधिवक्ता समुदाय को भी खुलकर एकजुट होने के लिए मजबूर कर दिया है।
“न्यायपालिका पर जनता का भरोसा कमजोर होना बेहद चिंताजनक”
राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर के महासचिव दीपेश शर्मा ने पूरे घटनाक्रम को राजस्थान की न्यायपालिका के लिए बेहद चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं का सबसे गंभीर असर आम जनता के न्यायपालिका पर भरोसे पर पड़ सकता है।
उनका कहना है कि न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास सर्वोपरि है और यदि न्यायपालिका से जुड़े गंभीर सवाल सार्वजनिक रूप से उठने लगें तो यह स्थिति पूरे न्याय तंत्र के लिए चिंता का विषय है।
बैठक के मुद्दे पर दीपेश शर्मा ने कहा कि हम अधिवक्ताओं की आवाज हैं अगर इस समय हमने उनकी आवाज को आगे नहीं पहुंचाया तो इंस्टीटयूट जिंदा नही रहेंगे.
अब सबकी नजर संयुक्त बैठक पर
सुप्रीम कोर्ट के जज के पत्र के बाद शुरू हुआ विवाद अब केवल न्यायिक गलियारों तक सीमित नहीं रहा है।
तीनों हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की संभावित संयुक्त बैठक और अदालतों के बहिष्कार की तैयारी ने राजस्थान की न्यायपालिका में हलचल और तेज कर दी है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि बार एसोसिएशन की आपात बैठक में क्या फैसला होता है और क्या राजस्थान हाईकोर्ट के दोनों पीठों में अधिवक्ता आने वाले दिनों में एक बड़े संयुक्त आंदोलन का ऐलान करते हैं।
जोधपुर में बॉयकॉट एसीजे अभियान दूसरे दिन भी जारी
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश (एसीजे) के खिलाफ बुधवार को शुरू हुआ ‘बॉयकॉट एसीजे’ अभियान गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा।
सोशल मीडिया ग्रुप में चल रहे इस अभियान को अधिवक्ताओं का लगातार समर्थन मिल रहा है। अब तक करीब 100 से अधिक अधिवक्ताओं ने अभियान में अपना नाम शामिल कर समर्थन जताया है।
हाईकोर्ट से जुड़े मौजूदा घटनाक्रम के बीच अधिवक्ताओं के इस अभियान ने न्यायिक गलियारों में हलचल और बढ़ा दी है।
