जयपुर। राजस्थान में पर्यावरण और परंपरा से जुड़े पवित्र वृक्ष खेजड़ी के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री की अनुमति के बाद सरकार ने खेजड़ी संरक्षण के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है।
इस कमेटी में तीन मंत्रियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों और विधिक विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

खास बात यह है कि इस कमेटी में बिश्नोई समाज से जुड़े राजस्थान हाईकोर्ट के अतिरिक्त महाधिवक्ता महावीर बिश्नोई और अधिवक्ता कुणाल बिश्नोई को भी सदस्य बनाया गया है, ताकि कानूनी पहलुओं पर ठोस सुझाव तैयार किए जा सकें।
राज्य सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार खेजड़ी संरक्षण से जुड़े जनआक्रोश और जनभावनाओं को देखते हुए यह समिति गठित की गई है।
यह समिति खेजड़ी संरक्षण के लिए प्रभावी कानून और नीतिगत उपायों पर विचार कर सरकार को अपनी सिफारिशें देगी।
मंत्रियों और अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
राजस्थान सरकार द्वारा गठित इस समिति की अध्यक्षता कानून एवं संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल करेंगे। वहीं राज्य गृह मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म को समिति का उपाध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा समिति में वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा, विधि एवं संसदीय कार्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव, राजस्थान हाईकोर्ट के अतिरिक्त महाधिवक्ता महावीर बिश्नोई और अधिवक्ता कुशल बिश्नोई को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
सरकार का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण, प्रशासनिक व्यवस्था और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एक समग्र नीति तैयार करने के लिए यह संयुक्त समिति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
खेजड़ी संरक्षण के लिए बनेगा विशेष कानून
सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह समिति खेजड़ी वृक्ष के संरक्षण के लिए एक विशेष कानून बनाने की संभावनाओं पर भी विचार करेगी।
इसके लिए समिति विभिन्न राज्यों में लागू कानूनों का तुलनात्मक अध्ययन करेगी और आवश्यकता के अनुसार राजस्थान के लिए नया कानून या संशोधन का प्रस्ताव तैयार करेगी।