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सलमान खान के खिलाफ तीसरी बार वारंट जारी, वारंट तामील के लिए डीजीपी को टास्क फोर्स बनाने के आदेश

Salman Khan Summoned Again: Jaipur Consumer Commission Orders DGP to Form Task Force for Warrant Execution

जयपुर। जिला उपभोक्ता आयोग, जयपुर द्वितीय ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए तीसरी बार जमानती वारंट जारी किया है।

आयोग ने इस बार वारंट की तामील सुनिश्चित कराने के लिए राज्य के डीजीपी को विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं।

आयोग ने स्पष्ट कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह कितना भी बड़ा सेलिब्रिटी क्यों न हो।

आयोग अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीणा, सदस्य अजय कुमार और सदस्य सुप्रिया अग्रवाल की पीठ ने आदेश में कहा कि गठित टास्क फोर्स व्यक्तिगत रूप से मुंबई जाकर सलमान खान पर वारंट की तामील सुनिश्चित करे।

6 अप्रैल को पेश होने के आदेश

आयोग ने परिवादी योगेंद्र सिंह बडियाल द्वारा दायर अवमानना प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए सलमान खान को 6 अप्रैल 2026 को जमानती वारंट के जरिए उपस्थित होने का आदेश दिया है।

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया कि आयोग द्वारा 6 जनवरी 2026 को लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद राजश्री पान मसाला के प्रचार-प्रसार को जारी रखा गया, जो कि अदालत की अवमानना है।

“कानून से ऊपर कोई नहीं”

आयोग ने अपने आदेश में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि सेलिब्रिटी होना किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर होने का अधिकार नहीं देता।

बार-बार वारंट जारी होने के बावजूद अदालत में उपस्थित न होना और वारंट की तामील में बाधा उत्पन्न करना न्याय व्यवस्था का मजाक उड़ाने जैसा है। इससे आम जनता का न्याय प्रणाली पर भरोसा कमजोर होता है।

पुलिस को सख्त निर्देश

आयोग ने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया है कि इस बार वारंट की तामील हर हाल में सुनिश्चित की जाए।

आयोग ने साफ कहा कि आदेशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

भ्रामक विज्ञापन का मामला

परिवाद के अनुसार, राजश्री पान मसाला कंपनी और उसके ब्रांड एंबेसडर सलमान खान द्वारा ‘केसर युक्त इलायची’ और ‘केसर युक्त पान मसाला’ के नाम पर भ्रामक विज्ञापन किए जा रहे थे।

इस पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने 6 जनवरी 2026 को इनके प्रचार और विज्ञापन पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

इसके बावजूद 9 जनवरी को जयपुर, कोटा और अन्य शहरों में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर विज्ञापन जारी रखे गए, जिसे आयोग ने गंभीर अवमानना माना है।

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