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Breaking Update : राजस्थान हाईकोर्ट में अभूतपूर्व घटनाक्रम: कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अदालत में सीनियर एडवोकेट ने उतारा गाउन, चैंबर में खेद जताने के बाद मामला हुआ शांत

Rajasthan High Court Bar Associations Announce Boycott on August 1 and 22

अदालत में बहस के बीच गाउन, कोट और बैंड उतारकर रखा; बार पदाधिकारियों को बुलाया गया, बाद में वरिष्ठ अधिवक्ता ने चैंबर में जाकर खेद व्यक्त किया

जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में मंगलवार को एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया, जिसने पूरे न्यायिक परिसर को दिनभर चर्चा का विषय बना दिया।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट आर.के. अग्रवाल ने तीखी बहस के बीच अपना सीनियर एडवोकेट का गाउन, कोट और बैंड उतारकर अदालत में रख दिया, जिससे कुछ देर के लिए कोर्ट रूम का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।

बाद में बार पदाधिकारियों की मौजूदगी और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के चैंबर में हुई मुलाकात के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त किया, जिसके बाद विवाद शांत हो गया।

कोर्ट नंबर-2 में सुनवाई के दौरान हुआ घटनाक्रम

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट नंबर-2 में भोजनावकाश से पहले एक मामले की सुनवाई चल रही थी।

मामले में सीनियर एडवोकेट कमलाकर शर्मा और सीनियर एडवोकेट आर.के. अग्रवाल अलग-अलग पक्षों की ओर से पैरवी कर रहे थे।

सुनवाई के दौरान आर.के. अग्रवाल ने कैवियटर की ओर से अपनी दलीलों को न्यायालय के आदेश में दर्ज करने का अनुरोध किया।

उनका कहना था कि मामले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती देने की निर्धारित समय-सीमा में केवल 15 दिन शेष हैं, इसलिए उनकी आपत्तियों का उल्लेख आदेश में किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि मामले को कुछ समय के लिए आगे रखा जाए।

हालांकि, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने मामले में आदेश पारित करने की बात कही और दलीलों को आदेश में दर्ज करने के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया।

इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस होती चली गई।

‘कॉकरोच’ टिप्पणी के उल्लेख के बाद और बढ़ा विवाद

जब पीठ आदेश लिखवाना शुरू कर चुकी थी, उसी दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. अग्रवाल ने कहा कि “देश के मुख्य न्यायाधीश ने कॉकरोच के लिए बोला था तो उसे समेटने में 27 दिन लग गए। आप इतने बड़े पद पर बैठे हैं, आपको संभलकर बोलना चाहिए।”

इस टिप्पणी पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने वरिष्ठ अधिवक्ता से कहा कि “आप सीनियर एडवोकेट का गाउन पहने हुए हैं, आपको उसकी गरिमा का सम्मान करना चाहिए।”

बताया जाता है कि इसके बाद माहौल और अधिक गर्म हो गया।

अदालत में उतारा गाउन, कोट और बैंड

वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. अग्रवाल ने इसके बाद अपना सीनियर एडवोकेट का गाउन, कोट और बैंड उतारकर अदालत में रख दिया।

न्यायालय की कार्यवाही के बीच इस तरह का विरोध अत्यंत असामान्य माना जाता है।

घटना के बाद कोर्ट रूम में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया और उपस्थित अधिवक्ता, पक्षकार तथा अन्य लोग भी स्तब्ध रह गए।

बार पदाधिकारियों को बुलाया गया

घटना के तुरंत बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव को अपने कार्यालय में बुलाया और पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की।

अदालत की गरिमा के बीच इस प्रकार गाउन उतारने की घटना पर नाराजगी भी व्यक्त की गई।

चैंबर में हुई मुलाकात

घटनाक्रम के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. अग्रवाल कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के चैंबर पहुंचे।

सूत्रों के अनुसार, दोनों के बीच करीब आधे घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई।

इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत में हुई घटना और अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त किया, जिसके बाद मामला शांत हो गया।

वरिष्ठ अधिवक्ता का पक्ष आना बाकी

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता आर.के. अग्रवाल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनका आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।

उनका पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।

पूरे हाईकोर्ट परिसर में दिनभर रही चर्चा

इस अभूतपूर्व घटनाक्रम के बाद पूरे राजस्थान हाईकोर्ट परिसर में दिनभर इसी मामले की चर्चा होती रही।

अधिवक्ताओं के बीच न्यायालय की गरिमा, बार और बेंच के संबंधों तथा न्यायिक मर्यादा को लेकर भी विभिन्न स्तरों पर चर्चा का दौर चलता रहा।

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