अदालत में गरमागरम बहस के दौरान सीनियर अधिवक्ता ने गाउन, बैंड और कोट उतारकर रखा; कोर्ट रूम में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में मंगलवार को उस समय अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई, जब कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई के दौरान एक सीनियर एडवोकेट और एक्टिंग चीफ जस्टिस के बीच तीखी बहस हो गई।
बहस इतनी तीव्र हो गई कि मामला कानूनी दलीलों से आगे बढ़कर व्यक्तिगत स्तर तक पहुंच गया और अदालत का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो उठा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस के दौरान नाराज सीनियर एडवोकेट ने अपना एडवोकेट्स गाउन उतारकर फेंक दिया।
इसके बाद उन्होंने अपना कोट और बैंड भी उतार दिया, जिससे कोर्ट रूम में मौजूद अधिवक्ताओं और पक्षकारों के बीच कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया।
अदालत में इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने सभी को हैरान कर दिया।
न्यायालय की कार्यवाही के दौरान इस प्रकार का विरोध बेहद असामान्य माना जाता है।
घटना के बाद कोर्ट परिसर में इसी घटनाक्रम की चर्चा हो रही हैं.
घटना के बाद बार के पदाधिकारियों को मुख्य न्यायाधीश कार्यालय में बुलाए जाने की जानकारी हैं.
मुझे आपने सीनियर नहीं बनाया…
मामले के अनुसार कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट संख्या 2 में भोजनावकाश से पूर्व एक मामले की सुनवाई जारी थी.
सीनियर एडवोकेट कमलाकर शर्मा और आर के अग्रवाल अलग अलग पक्षकारों की ओर से पैरवी कर रहे थे.
इसी दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता आर के अग्रवाल ने अपनी दलीलों को कोर्ट आदेश में शामिल करने का अनुरोध किया.
तर्क वितर्क के दौरान कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश द्वारा सीनियर एडवोकेट होने का उलाहना दिया.
जिस पर वरिष्ठ अधिवक्ता आर के अग्रवाल और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के बीच तीखी बहस हुई.
मामला इतना बढ गया कि चलती कोर्ट में सीनियर एडवोकेट ने अपना गाउन निकाल कर रख दिया.
