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BREAKING NEWS : एसआई भर्ती 2021 रद्द, नई भर्ती में पद जोड़ने के आदेश, हाईकोर्ट से राजस्थान सरकार को बड़ा झटका

जयपुर, 28 अगस्त। राजस्थान हाईकोर्ट ने गुरुवार को पुलिस उप निरीक्षक (SI) भर्ती-2021 को पूरी तरह रद्द करने का ऐतिहासिक फैसला सुनाया।

जस्टिस समीर जैन की एकलपीठ ने 202 पेज के विस्तृत आदेश में कहा कि यह भर्ती व्यापक पेपर लीक और संस्थागत भ्रष्टाचार से ग्रस्त रही। कोर्ट ने माना कि भर्ती का प्रश्नपत्र पूरे प्रदेश में फैल गया था और ब्लूटूथ गैंग तक भी पहुंचा।

अदालत ने आरपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष सहित 6 सदस्यों की भूमिका को गंभीर बताते हुए कहा कि “घर के भेदियों ने ही लंका ढहाई।” कोर्ट ने निर्देश दिए कि एसआई भर्ती-2021 के 859 पदों को वर्ष 2025 की नई भर्ती में जोड़ा जाए और पुराने सभी अभ्यर्थियों को दोबारा अवसर दिया जाए।

साथ ही, सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर एसआई बने अभ्यर्थियों को उनके मूल पदों पर बहाल करने के आदेश दिए गए हैं।

हाईकोर्ट कि एकलपीठ ने करीब एक साल तक सुनवाई करने के बाद 14 अगस्त को सभी याचिकाओं पर फैसला सु​रक्षित रख लिया था.

अगस्त 2024 में एसआई भर्ती में पेपरलीक होने का आरोप लगाते हुए भर्ती से बाहर हुअ अभ्यर्थी कैलाश शर्मा व अन्य ने याचिकाए दायर कर भर्ती रद्द करने की मांगा कि थी.

मामले में बाद में राजस्थान सरकार के साथ चयनित अभ्यर्थियों ने पक्षकार बनते हुए अपना जवाब पेश किया था.

आरपीएससी की भूमिका

राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने फैसले में एसआई भर्ती की परीक्षा आयोजित कराने वाली आरपीएससी की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं.

जस्टिस समीर जैन की अदालत ने इस मामले में आरपीएससी सदस्यों के पेपरलीक में भूमिका को इंगित करते हुए कहा कि आरपीएससी में सुधार की जरूरत हैं.

कोर्ट ने माना तीन तरह से हुआ पेपरलीक

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में माना है कि एसआई भर्ती 2021 का पेपर लीक हुआ था और इसके लिए ​तीन माध्यम से लीक हुए हैं.

हाईकोर्ट ने कहा कि आरपीएससी के दो सदस्यों द्वारा पेपरलीक किया गया. इसके साथ ही इस भर्ती में बड़ी संख्या में डमी अभ्यर्थी शामिल हुए जो कि पेपरलीक का कारण था.

हाईकोर्ट ने इसके साथ ही जगदीश बिश्नोई गैंग को पुरे प्रदेश में पेपरलीक करने के लिए जिम्मेदार माना हैं.

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