नई दिल्ली। जोधपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है।
सुप्रीम कोर्ट ने मेडिकल आधार पर आसाराम की पैरोल बढ़ाने की याचिका खारिज करते हुए मंगलवार शाम यानी आज शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया है। हालांकि, कोर्ट ने राजस्थान सरकार को आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति का ध्यान रखने के लिए कहा है।
आसाराम फिलहाल 20 दिन की मेडिकल पैरोल पर जेल से बाहर हैं।
पैरोल की अवधि बढ़ाने के लिए आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को अतिरिक्त राहत देने से इनकार कर दिया।
उज्जैन के अस्पताल में चल रहा है इलाज
आसाराम के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि आसाराम का इलाज अभी जारी है और अभी आसाराम मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित गवर्नमेंट धन्वंतरि आयुर्वेदिक हॉस्पिटल में भर्ती हैं।
इसी आधार पर पैरोल की अवधि बढ़ाने की मांग की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और निर्धारित समय तक जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया।
6 अक्टूबर को मिली थी 20 दिन की पैरोल
राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 अक्टूबर 2026 को आसाराम को 20 दिन की मेडिकल पैरोल दी थी।
यह अवधि मंगलवार, 27 अक्टूबर को समाप्त हो गई।
पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद आसाराम को अब जोधपुर सेंट्रल जेल में वापस लौटना होगा।
राजस्थान सरकार को स्वास्थ्य का ध्यान रखने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल बढ़ाने से इनकार करने के साथ ही राजस्थान सरकार को आसाराम की सेहत का ध्यान रखने के आदेश दिए हैं। अब निर्धारित समय तक सरेंडर करने के बाद आगे का इलाज जेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।
2013 में गिरफ्तारी से लेकर पैरोल तक, जानिए अब तक की पूरी टाइमलाइन
आसाराम का मामला वर्ष 2013 में सामने आया था। इसके बाद गिरफ्तारी, ट्रायल कोर्ट से उम्रकैद की सजा, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई तथा मेडिकल आधार पर राहत की मांग तक कई अहम घटनाक्रम हुए।
आसाराम केस की पूरी टाइमलाइन
अगस्त 2013: नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया
जोधपुर स्थित आसाराम के आश्रम में नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप सामने आने के बाद मामला दर्ज हुआ। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
21 अगस्त 2013: जोधपुर में FIR दर्ज
जोधपुर के महिला थाने में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई।
31 अगस्त 2013: गिरफ्तारी
आसाराम को इंदौर स्थित आश्रम से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आसाराम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
6 नवंबर 2013: चार्जशीट पेश
जांच के बाद पुलिस ने मामले में 1,021 पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की।
25 अप्रैल 2018: उम्रकैद की सजा
जोधपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आसाराम को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
31 जनवरी 2023: गुजरात के मामले में भी उम्रकैद
गुजरात के गांधीनगर की एक अदालत ने आश्रम में एक महिला से दुष्कर्म के मामले में आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई।
जनवरी 2025: सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम मेडिकल जमानत
मेडिकल आधार पर आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिली। यह राहत निर्धारित शर्तों के अधीन दी गई थी।
27 अगस्त 2025: राजस्थान हाईकोर्ट से राहत नहीं
राजस्थान हाईकोर्ट ने जमानत अवधि बढ़ाने की अर्जी खारिज कर दी।
29 अक्टूबर 2025: छह महीने की मेडिकल जमानत मंजूर
राजस्थान हाईकोर्ट ने मेडिकल आधार पर आसाराम को छह महीने की जमानत दी।
6 नवंबर 2025: गुजरात हाईकोर्ट से भी अंतरिम राहत
गुजरात हाईकोर्ट ने भी आसाराम को छह महीने की अंतरिम जमानत दी।
8 दिसंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने की याचिका खारिज करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट को अपील का तीन महीने में निपटारा करने का निर्देश दिया।
15 अप्रैल 2026: मेडिकल ग्राउंड पर राहत बढ़ाने की अर्जी — आसाराम की ओर से मेडिकल आधार पर राहत बढ़ाने के लिए आवेदन दायर किया गया।
16 अप्रैल 2026: जल्द सुनवाई से इनकार — अदालत ने मामले में तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की।
17 अप्रैल 2026: सजा स्थगित करने की अपील पर बहस — सजा स्थगित करने से संबंधित अपील पर आसाराम पक्ष की ओर से बहस पूरी हुई।
20 अप्रैल 2026: फैसला सुरक्षित — पीड़िता पक्ष की बहस पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया।
27 मई 2026: राजस्थान हाईकोर्ट ने सजा बरकरार रखी
6 अक्टूबर 2026: राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम को 20 दिन की मेडिकल पैरोल पर रिहा करने के निर्देश दिए।
27 अक्टूबर 2026: सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल बढ़ाने से किया इनकार
मेडिकल आधार पर पैरोल बढ़ाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया और आसाराम को शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने राजस्थान सरकार को उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए भी कहा।
अब आगे क्या होगा?
20 दिन की मेडिकल पैरोल की अवधि समाप्त होने के बाद आसाराम को जोधपुर सेंट्रल जेल में वापस लौटना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की है। हालांकि, राजस्थान सरकार को उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है।
