भर्ती रद्द होने पर अभ्यर्थियों को नहीं मिलेगी आयुसीमा में छूट, रद्द नहीं होने पर मेरिट से तय होगी अभ्यर्थियो की याचिकाए
नई दिल्ली/जयपुर। राजस्थान एसआई भर्ती 2021 से जुड़े आयु सीमा विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अभ्यर्थियों को महत्वपूर्ण अंतरिम राहत दी है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे विवाद का अंतिम निर्णय अब राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ करेगी और दोनों संबंधित अपीलों को क्रमवार सुनकर समयबद्ध तरीके से 31 मार्च 2026 से पहले इन अपीलों का निर्णय करना होगा।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने सुरजमल मीणा की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिक पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया हैं.
क्या है पूरा मामला
एसआई भर्ती 2021 में शामिल रहे कुछ अभ्यर्थियों ने बाद में जारी 2025 की विज्ञप्ति के तहत परीक्षा में बैठने के लिए आयु सीमा में छूट की मांग की थी।
इस पर राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 30 अक्टूबर 2025 को तीन साल की छूट के साथ अभ्यर्थियों को सशर्त/अस्थायी अनुमति देते हुए दूसरी विज्ञप्ति के तहत परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी।
हालांकि, इस आदेश को चुनौती देते हुए राज्य सरकार की ओर से दायर विशेष अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 13 नवंबर 2025 को एकलपीठ के आदेश के संचालन पर रोक लगा दी थी। इसके बाद अभ्यर्थी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
सुप्रीम कोर्ट का अहम रुख
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि एसआई भर्ती 2021 की वैधता से जुड़ी एक अन्य विशेष अपील पहले से ही हाईकोर्ट की उसी खंडपीठ के समक्ष लंबित है, जिस पर दिन-प्रतिदिन सुनवाई चल रही है।
कोर्ट ने माना कि यदि एसआई भर्ती 2021 को रद्द करने से जुड़ी अपील (DB Special Appeal No. 1075/2025) में निर्णय आ जाता है, तो आयु सीमा से संबंधित विवाद (DB Special Appeal No. 1311/2025) स्वतः स्पष्ट हो सकता है।
दोनों अपीलों पर एक साथ फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि हाईकोर्ट की खंडपीठ पहले भर्ती रद्द करने से संबंधित अपील और उसके तुरंत बाद आयु सीमा से जुड़ी अपील पर सुनवाई करे।
साथ ही, यह भी कहा गया कि चूंकि दूसरी विज्ञप्ति के तहत परीक्षा अप्रैल 2026 में प्रस्तावित है, इसलिए 31 मार्च 2026 से पहले इन अपीलों का निर्णय करना उचित होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि
यदि एसआई भर्ती 2021 रद्द होती है, तो अभ्यर्थियों को स्वतः आयु सीमा में छूट का लाभ नहीं मिलेगा।
यदि भर्ती रद्द नहीं होती, तो आयु सीमा में छूट और दूसरी विज्ञप्ति के तहत पात्रता का प्रश्न मेरिट और हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के आधार पर तय होगा।
सभी पक्षों के अधिकार सुरक्षित
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले के गुण-दोष (merits) पर सभी दलीलें अभ्यर्थी और राज्य सरकार हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष रखने के लिए स्वतंत्र होंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने इस स्तर पर किसी मुद्दे पर अंतिम टिप्पणी नहीं की है और विशेष अनुमति याचिका को इन निर्देशों के साथ निस्तारित कर दिया है।