नई दिल्ली, 16 सितंबर
पूर्व मंत्री महेश जोशी ने 900 करोड़ के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया हैं .
सुप्रीम कोर्ट में महेश जोशी ने विशेष अनुमति याचिका दायर की हैं. याचिका के जरिए राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ के 26 अगस्त के आदेश को चुनौती दी हैं.
महेश जोशी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी सहित सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किए हैं.
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए जी मसिह की बेंच ने महेश जोशी की याचिका पर सुनवाई के बाद ईडी सहित अन्य को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा हैं.
हाईकोर्ट ने खारिज की थी जमानत
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने 26 अगस्त के अपने फैसले में महेश जोशी की जमानत याचिका खारिज कर दी है.
900 करोड़ के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में 24 अप्रैल को ED ने महेश जोशी को गिरफ्तार किया था.
जिसके बाद महेश जोशी ने पहले निचली अदालत में जमानत दायर कि थी. जिला अदालत द्वारा याचिका खारिज होने पर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की.
याचिका पर दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद 8 अगस्त को हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा गया था.
जिसे जस्टिस प्रवीर भटनागर की अदालत ने 26 अगस्त को फैसला सुनाया.
मूल केस में नाम नहीं
राजस्थान हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में भी दायर कि गयी याचिका में महेश जोशी की ओर से कहा गया कि महेश जोशी को इस मामले में फंसाया गया है.
महेश जोशी के अधिवक्ता ने कहा कि एसीबी में दर्ज मूल केस में महेश जोशी का नाम नहीं है। जोशी को एक साल पहले नोटिस दिया गया था। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।