जयपुर। समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक न्याय और कानूनी सहायता को सुलभ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आसरा फाउंडेशन जयपुर द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेट्रो 1-2 और जयपुर जिला के सहयोग से पैरा लीगल वालंटियर्स एवं सपोर्ट पर्सन के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज विधिवत शुभारंभ किया गया।
जयपुर स्थित होटल इंडो प्राइम में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सुबह 9.30 बजे दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
कार्यक्रम में जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए पैरा लीगल वालंटियर्स और सपोर्ट पर्सन बड़ी संख्या में शामिल हुए। उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने में पैरा लीगल वालंटियर्स की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विधिक सहायता की मूल अवधारणा, पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार, महिला एवं बाल संरक्षण कानून, घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, बाल अधिकार, नशा मुक्ति, कानूनी परामर्श की प्रक्रिया, तथा सामुदायिक स्तर पर कानूनी जागरूकता फैलाने के तरीकों पर विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
साथ ही प्रतिभागियों को व्यवहारिक उदाहरणों और केस स्टडी के माध्यम से यह समझाया जा रहा है कि जमीनी स्तर पर कानूनी समस्याओं से जूझ रहे लोगों की प्रभावी ढंग से सहायता कैसे की जा सकती है।
आसरा फाउंडेशन की सचिव मंगला शर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पैरा लीगल वालंटियर्स और सपोर्ट पर्सन की क्षमता को सुदृढ़ करना है, ताकि वे समाज में विधिक सेवाओं को अधिक प्रभावी, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करा सकें।
उन्होंने कहा कि पैरा लीगल वालंटियर्स न्याय व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो आमजन और न्यायिक संस्थाओं के बीच सेतु का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अधिकारियों एवं विधि विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की जानकारी आम नागरिक तक पहुंचाना और उन्हें न्यायिक प्रक्रियाओं से जोड़ना पैरा लीगल वालंटियर्स की अहम जिम्मेदारी है। ऐ
दो दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर गुरूवार को सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।