जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने कृषि पर्यवेक्षक भर्ती-2025 में अंतिम परिणाम जारी करने और नियुक्तियां देने पर अंतरिम रोक लगा दी है। भर्ती परीक्षा के 3 प्रश्नों के उत्तरों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह आदेश दिया।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद 1100 पदों पर होने वाली नियुक्तियों और अंतिम परिणाम, दोनों पर फिलहाल रोक लग गई है। अंतिम परिणाम जारी होने तक भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाएगी।
जस्टिस गणेशराम मीणा की एकलपीठ ने सतीश कुमार मीणा एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव से जवाब भी मांगा है।
राजस्थान हाईकोर्ट अब दोनों पक्षों का पक्ष सुनने के बाद आगे का फैसला करेगा।
कृषि पर्यवेक्षक भर्ती करीब 1100 पदों के लिए आयोजित की गई थी। लिखित परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को हुई। इसके बाद 15 जून को बोर्ड ने सही उत्तरों की अंतिम सूची जारी की और 23 जून को दस्तावेज सत्यापन के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया।
इसी बीच भर्ती परीक्षा के तीन प्रश्नों को लेकर विवाद हाईकोर्ट पहुंच गया। अब कोर्ट के आदेश के बाद अंतिम परिणाम जारी नहीं किया जा सकेगा और नियुक्ति प्रक्रिया भी फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी।
3 सवालों के जवाब से शुरू हुआ विवाद
याचिकाकर्ताओं ने भर्ती परीक्षा के तीन प्रश्नों के सही उत्तरों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि भर्ती परीक्षा के तीन प्रश्नों के सही उत्तर गलत तय किए गए हैं।
उनका दावा है कि कर्मचारी चयन बोर्ड के अंतिम उत्तर मानक पुस्तकों और अन्य भर्ती परीक्षाओं में स्वीकार किए गए उत्तरों से अलग हैं।
उनका कहना है कि कर्मचारी चयन बोर्ड ने अंतिम उत्तरों में जिन विकल्पों को सही माना है, वे मानक पुस्तकों, विषय विशेषज्ञों की राय और अन्य भर्ती परीक्षाओं में स्वीकार किए गए उत्तरों से मेल नहीं खाते।
याचिका में सबसे अधिक विवाद प्रश्न संख्या-56 को लेकर है। इसके अलावा प्रश्न संख्या-9 और प्रश्न संख्या-47 के सही उत्तरों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
प्रश्न संख्या-56 पर सबसे बड़ा विवाद
भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों से यह प्रश्न पूछा गया था—
प्रश्न 56. इनमें से कौन-सी मवेशियों की द्वि-प्रयोजनी नस्ल है?
(A) थारपारकर
(B) सिंधी
(C) साहिवाल
(D) डांगी
(D) डांगी
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कर्मचारी चयन बोर्ड ने प्रारंभिक सही उत्तरों की सूची में ‘थारपारकर’ को सही उत्तर माना था। लेकिन अंतिम सूची जारी करते समय इसे बदलकर ‘डांगी’ को सही उत्तर घोषित कर दिया।
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट को बताया कि यही प्रश्न राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की स्कूल लेक्चरर एवं कोच भर्ती-2025 परीक्षा में भी पूछा गया था, जहां ‘थारपारकर’ को ही सही उत्तर माना गया था।
उनका दावा है कि कृषि और पशुपालन से जुड़ी मानक पुस्तकों में भी ‘थारपारकर’ को ही द्वि-प्रयोजनी नस्ल बताया गया है।
2 अन्य प्रश्नों के जवाब को भी चुनौती
याचिका में केवल प्रश्न संख्या-56 ही नहीं, बल्कि प्रश्न संख्या-9 और प्रश्न संख्या-47 के सही उत्तरों पर भी आपत्ति जताई गई है।
प्रश्न संख्या-9 में अभ्यर्थियों से पूछा गया था—
प्रश्न 9. निम्न में से कौन-सी झील अपवाहन से बनी प्लाया झील का उदाहरण है?
(A) सांभर
(B) लूणकरणसर
(C) डीडवाना
(D) पचपदरा
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कर्मचारी चयन बोर्ड ने (B) लूणकरणसर को सही उत्तर माना, जबकि सही उत्तर (C) डीडवाना होना चाहिए था।
इसी तरह प्रश्न संख्या-47 में कथन और कारण (Assertion-Reason) पर आधारित प्रश्न पूछा गया था। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कर्मचारी चयन बोर्ड ने पहले इस प्रश्न के लिए विकल्प (B) को सही उत्तर माना था, लेकिन अंतिम सही उत्तरों की सूची जारी करते समय इसे बदलकर विकल्प (C) को सही उत्तर घोषित कर दिया। उनका दावा है कि सही उत्तर विकल्प (B) ही है।
याचिकाकर्ताओं ने क्या दलील दी?
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता हरेंद्र नील ने हाईकोर्ट को बताया कि तीनों सवालों के सही उत्तरों पर उठाई गई आपत्ति ठोस आधार पर है।
उन्होंने कहा कि प्रश्न संख्या-56 में राजस्थान लोक सेवा आयोग की स्कूल लेक्चरर एवं कोच भर्ती-2025 परीक्षा में ‘थारपारकर’ को सही उत्तर माना गया था। वहीं प्रश्न संख्या-9 और प्रश्न संख्या-47 के संबंध में मानक पुस्तकों का हवाला दिया गया है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यदि गलत उत्तरों के आधार पर अंतिम परिणाम जारी किया गया, तो बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।
इसलिए अंतिम परिणाम घोषित करने से पहले इन तीनों प्रश्नों के सही उत्तरों की दोबारा जांच कराई जानी चाहिए।
हाईकोर्ट ने क्या आदेश दिया?
सुनवाई के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने कृषि पर्यवेक्षक भर्ती-2025 का अंतिम परिणाम जारी करने और 1100 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी।
साथ ही कोर्ट ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अब दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की सुनवाई होगी।
कोर्ट के अगले आदेश तक भर्ती का अंतिम परिणाम जारी नहीं किया जा सकेगा और न ही नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।