सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 की अवहेलना पर सख्त रुख, संस्थानों की जांच के लिए संयुक्त कमेटी गठित
जयपुर। पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने राजधानी जयपुर स्थित बेहद प्रतिष्ठित 38 बड़े संस्थानों को नोटिस जारी किया है।
NGT ने जयपुर स्थित राजस्थान रॉयल्स, WTP, मेरियट, रामबाग होटल, होटल हिल्टन, फोर्टिस अस्पताल, महात्मा गांधी, एसएमएस, मणिपाल हॉस्पिटल, ZUDIO, Dmart से लेकर Reliance Smart संस्थानों को नोटिस जारी किए हैं।
NGT की भोपाल केंद्रीय पीठ ने यह आदेश राजस्थान हाईकोर्ट की युवा एडवोकेट स्नेहा चतुर्वेदी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
याचिका में कहा गया कि राजस्थान में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 (Solid Waste Management Rules, 2026) 1 अप्रैल 2026 से लागू होने के बावजूद इन वीआईपी संस्थानों ने नियमों का पालन नहीं किया है।
चार सप्ताह में देना होगा जवाब
NGT ने मामले को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार, नगर निगम, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड सहित सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।
ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट कहा कि यह मामला पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा गंभीर प्रश्न उठाता है और नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मामला क्या है?
याचिकाकर्ता स्नेहा चतुर्वेदी ने NGT में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि राजस्थान में ठोस कचरा प्रबंधन नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है।
विशेष रूप से 1 अप्रैल 2026 से लागू संशोधित नियमों की अनदेखी की जा रही है, जो शहरी क्षेत्रों में कचरे के वैज्ञानिक और व्यवस्थित निपटान के लिए बनाए गए हैं।
याचिका में कहा गया कि स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों के बावजूद नगर निकाय (ULBs) कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे हैं, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
याचिका में खासतौर से राज्य के बल्क वेस्ट जनरेटर संस्थानों पर आरोप लगाया गया कि वे इन नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
कौन हैं ‘बल्क वेस्ट जनरेटर’?
NGT के समक्ष प्रस्तुत तथ्यों के अनुसार, 2026 के नियमों में “बल्क वेस्ट जनरेटर” (Bulk Waste Generator) की स्पष्ट परिभाषा दी गई है।
ऐसे संस्थान या इकाइयां जो 20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्र में फैली हों
और प्रतिदिन 40,000 लीटर पानी का उपयोग करती हों, या प्रतिदिन 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करती हों।
नए नियमों के अनुसार इन संस्थानों को अपने कचरे के निपटान की जिम्मेदारी स्वयं उठानी होती है।
यह भी कि इन संस्थानों को कचरे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित निपटान करने की व्यवस्था करनी होगी।
बल्क वेस्ट जनरेटर में कौन-कौन शामिल
दायर की गई याचिका में राजधानी में स्थित सरकारी और निजी कार्यालय,
स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल, होटल, मॉल, औद्योगिक इकाइयां,
शादी समारोह स्थल, मंडियां, स्टेडियम और बड़ी आवासीय सोसायटी शामिल हैं।
जिम्मेदारी तय, लेकिन पालन नहीं!
याचिकाकर्ता का आरोप है कि जिन संस्थानों को अपने कचरे का निपटान खुद करना चाहिए, वे नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
इसके चलते खुले में कचरा फेंका जा रहा है, प्रदूषण बढ़ रहा है और जल व वायु गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
यह स्थिति स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के विपरीत है।
NGT के सख्त आदेश, 38 को नोटिस
युवा अधिवक्ता स्नेहा चतुर्वेदी की दलीलें सुनने के बाद एनजीटी ने मामले को गंभीर मानते हुए कई अहम निर्देश जारी किए।
सर्वप्रथम एनजीटी ने नियमों की पालना नहीं करने को लेकर राजस्थान सरकार, जयपुर नगर निगम, राजस्थान स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड सहित 38 संस्थानों को नोटिस जारी किया है। इन सभी को चार सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है।
जिन संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं, वे निम्न हैं—
होटल —
1 मैरियट होटल,
2 Hilton Hotel,
3 Rambagh Palace
4 रेडिसन ब्लू,
5 द ललित,
6 हयात रेजेंसी,
7 ITC Rajputana,
8 Radisson City Centre,
9 Clarks Amer Hotel,
10 Fairfield by Marriott (Bani Park),
11 Ramada by Wyndham,
12 Fairfield by Marriott (Pratap Nagar)
अस्पताल
13 महात्मा गांधी अस्पताल,
14 Manipal Hospital,
15 संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल अस्पताल (SDMH),
16 एसएमएस अस्पताल,
17 एसएमएस ट्रोमा सेंटर,
18 Fortis Escorts Hospital Jaipur,
19 HCG Cancer Hospital,
20 Eternal Multi-speciality Hospital,
खेल संस्थान
21 सवाई मानसिंह स्टेडियम, 22 राजस्थान रॉयल्स,
मॉल
23 World Trade Park Mall, 24 Novotel Jaipur Convention Centre,
25 Westside Mall (Vaishali Nagar)
26 Westside Mall (Pratap Nagar)
27 Westside Mall (Narayan Singh Circle / Signature Elite)
28 ZUDIO – Triton
29 ZUDIO – Pink Square Mall
30 Dmart Krishan Nagar
31 Reliance Smart Point (Mansarovar)
32 Reliance Smart Point (Vaishali Nagar)
33 Reliance Smart Point (Raja Park)
34 Marriott Hotel, Mahatma Gandhi Hospital
रिसॉर्ट
35 Choki Dhani Resort
सरकारी संस्थान
36 राजस्थान सरकार
37 जयपुर नगर निगम
38 राजस्थान स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड
संयुक्त समिति का गठन, छह हफ्ते में रिपोर्ट
NGT ने एक संयुक्त समिति गठित करने का आदेश दिया है, जिसमें शहरी विकास विभाग, राजस्थान का प्रतिनिधि, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (RSPCB) का प्रतिनिधि और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) का प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इस कमेटी को इन सभी संस्थानों की जांच कर अगले 6 सप्ताह में रिपोर्ट देनी होगी।
समिति को निर्देश दिया गया है कि मामले की विस्तृत जांच करें और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के पालन की स्थिति का आकलन करें।
साथ ही कमेटी को सुधारात्मक कदम सुझाने को कहा गया है।
राजस्थान PCB बनेगा नोडल एजेंसी
एनजीटी ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस पूरी प्रक्रिया के समन्वय और लॉजिस्टिक सपोर्ट की जिम्मेदारी दी है।
डिजिटल फाइलिंग और पारदर्शिता
NGT ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी जवाब और रिपोर्ट ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिए जमा किए जाएं और searchable PDF/OCR format में हों।
अगली सुनवाई
इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है, जहां समिति की रिपोर्ट और राज्य सरकार का जवाब प्रस्तुत किया जाएगा।
कौन हैं अधिवक्ता स्नेहा चतुर्वेदी
एडवोकेट स्नेहा चतुर्वेदी एक युवा अधिवक्ता हैं, जो राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर पीठ में प्रैक्टिसिंग एडवोकेट हैं और निम्न यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल करने के साथ ही वर्ष 2025 में बार में रजिस्ट्रेशन कराया है।
