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Flashback 2025 : राजस्थान से जुड़े Supreme Court के 25 ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण फैसले

Supreme Court Halts Bail Relief for Convicted Unnao Rape Case Accused Kuldeep Sengar

नई दिल्ली/ जयपुर। वर्ष 2025 राजस्थान के लिए न्यायिक इतिहास में एक निर्णायक और यादगार वर्ष के रूप में दर्ज हुआ। इस साल सुप्रीम कोर्ट से आए फैसलों ने न केवल राज्य की राजनीति, प्रशासन और नीतियों को नई दिशा दी, बल्कि आम जनता के जीवन, अधिकारों और भविष्य को भी सीधे प्रभावित किया।

शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं से लेकर पर्यावरण संरक्षण, भ्रष्टाचार, धार्मिक स्वतंत्रता, पुलिस हिरासत, चुनाव प्रक्रिया, बुनियादी ढांचे और बिजली जैसी मूलभूत जरूरतों तक—राजस्थान से जुड़े कई मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने दूरगामी प्रभाव वाले फैसले सुनाए। इन फैसलों में कहीं राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगी, तो कहीं जनहित और संवैधानिक मूल्यों की मजबूती देखने को मिली।

राजस्थान से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के 25 ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण फैसले की यह श्रंखला वर्ष 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए उन सभी फैसलों का समग्र लेखा-जोखा है, जिन्होंने राजस्थान की न्यायिक, सामाजिक और राजनीतिक दिशा तय की।

सुप्रीम कोर्ट के इन 25 ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णयों ने यह स्पष्ट किया कि कानून के समक्ष कोई भी व्यवस्था, संस्था या व्यक्ति जवाबदेही से ऊपर नहीं है।

SC में राजस्थान की गूंज – न्याय, नीति और जनहित से जुड़े 25 फैसले

1 NEET की न्यूनतम पात्रता प्रतिशत घटाने का फैसला अवैध

Supreme Court ने NEET प्रवेश परीक्षा के माध्यम से बीडीएस (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) पाठ्यक्रम में दाखिले को लेकर वर्ष 2016-17 में राजस्थान सरकार द्वारा दी गई छूट को अवैध बताया है।

जस्टिस जे. के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने गुरुवार को इस मामले में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि NEET में न्यूनतम पात्रता प्रतिशत कम करने का अधिकार केवल केंद्र सरकार को है, न कि राज्य सरकार को।

2 शांति धारीवाल की याचिका खारिज

पूर्ववर्ती राजस्थान की कांग्रेस सरकार में मंत्री रह चुके शांति धारीवाल की याचिका को Supreme Court ने खारिज कर दिया है। जयपुर शहर के 500 करोड़ रुपये के एकल पट्टा (Single Lease) घोटाले के मामले में धारीवाल ने Rajasthan High court के 1 नवंबर 2025 सहित कई आदेशों को चुनौती दी थी।

इस विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस विजय विश्नोई की पीठ ने Rajasthan Highcourt के आदेश में हस्तक्षेप से इंकार किया है।

3  हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी का गठन

पश्चिमी राजस्थान की जोजरीबांदी और लूणी नदियों में बढ़ते प्रदूषण और इससे प्रभावित लगभग 20 लाख लोगों के जीवन, स्वास्थ्य और आजीविका पर गंभीर संकट को देखते हुए Supreme Court ने शुक्रवार को एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है

Supreme Court ने राजस्थान हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस संगीत लोढ़ा की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल इकोसिस्टम ओवरसाइट कमेटी के गठन का आदेश दिया है।

4 पूर्व मंत्री महेश जोशी को जमानत

जल जीवन मिशन घोटाले में गिरफतार किए गए पूर्व मंत्री महेश जोशी को आखिरकार सुप्रीम कोर्ट से ही जमानत मिली. महेश जोशी की याचिका पर जस्टिस ए.जी. मसीह और जस्टिस दीपांकर दत्ता की बेंच ने लंबी सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था.

करीब साढ़े 7 माह ​जेल में बिताने के बाद हाल ही में 3 दिसंबर 2025 को महेश जोशी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया.

5 आसाराम की जमानत रदृद करने से इनकार

शिष्या के साथ दुष्कर्म के मामले में आजीवन उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट से मेडीकल आधार पर मिली जमानत को रदृद करने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया हैं.

जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल एस चंदुरकर की पीठ ने राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा दिए गए जमानत के फैसले में हस्तक्षेप से इंकार किया हैं. राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा आसाराम को दी गयी जमानत के खिलाफ पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

6 पूर्व प्रधान पर 8 लाख का जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट ने 16 नवंबर को एक महत्वपूर्ण और अभूतपूर्व फैसले में अपने ही फैसले को वापस लेते हुए भरतपुर में उचैन के पूर्व प्रधान हिमांशु अवाना पर 8 लाख का जुर्माना लगाया हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला राजस्थान सरकार की ओर से दायर किए गए फैसले को रिकॉल करने के प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए ये आदेश दिया हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही 1 सिंतबर को दिए अपने ही एक्स-पार्टी आदेश को वापस ले लिया हैं.

7 Zee Media को नोटिस

Supreme Court ने ज़ी राजस्थान न्यूज़ चैनल Zee Media के पूर्व चैनल हेड आशीष दवे की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को ज़ी मीडिया और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया है।

पूर्व चैनल हेड आशीष दवे ने अपनी याचिका में थाना अशोक नगर, जयपुर में दर्ज FIR नंबर 257/2025 को रद्द करने की मांग करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी.

8 पुलिस हिरासत में हुई मौतों पर स्वतः संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में पुलिस हिरासत में हुई मौतों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब मांगा हैं.सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में संपूर्ण प्रदेश में पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली और रखरखाव को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी है.

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने 4 सितम्बर 2025 को दैनिक भास्कर अख़बार की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए यह स्वप्रेणा प्रसंज्ञान से जनहित याचिका दायर की हैंं.

9 SI भर्ती-2021 मामले में यथास्थिती बनाए रखने के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने 24 सितंबर को SI भर्ती-2021 मामले पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ के फैसले के दो बिंदूओ पर रोक लगाते हुए यथास्थिती बनाए रखने के आदेश दिए हैं. जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने आज राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले के पैरा संख्या 15 और 16 पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं.

जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने आज राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच द्वारा 8 सितम्बर 2025 को दिए गए अंतरिम आदेश पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया कि चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण नहीं दिया जाएगा.

10 हनुमान बेनीवाल की पार्टी से जुड़े तत्कालिन विधायको का मामला

सुप्रीम कोर्ट ने 26 अगस्त को हनुमान बेनीवाल की पार्टी से जुड़े तत्कालिन दो विधायको के खिलाफ पूर्ववर्ती सरकार द्वारा अभियोजन स्वीकृती वापस लेने के मामले में राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या वह नागौर हिंसा मामले में दो पूर्व विधायकों के विरुद्ध अभियोजन वापसी के अपने 2021 के निर्णय पर अब भी कायम है. जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस विजय बिष्णोई की पीठ ने इस पर राज्य सरकार से दो सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा.

11 पंचायत-निकाय चुनाव 15 अप्रैल

प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनावों को लेकर चल रहे विवाद पर Supreme Court ने बड़ा फैसला सुनाते हुए Rajasthan High court द्वारा तय की गई समय-सीमा को बरकरार रखा है।

Supreme Court में जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट कर दिया कि राजस्थान में पंचायत-निकाय चुनाव 15 अप्रैल 2026 तक ही कराए जाएंगे।

12 अरावली रेंज की परिभाषा और विवाद

अरावली हिल्स और अरावली रेंज की परिभाषा को लेकर दशकों से चली आ रही अनिश्चितता को समाप्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला देते हुए स्पष्ट कर दिया कि अब पूरे देश में अरावली का दायरा किस भू-भाग को माना जाएगा। अब वैज्ञानिक परिभाषा के आधार पर सभी राज्यों में खनन गतिविधियों का मूल्यांकन होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने देश की पर्यावरणीय सुरक्षा में अरावली की केंद्रीय भूमिका को स्पष्ट करते हुए नई खनन लीज़ जारी करने पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद शुरू हुए विवाद के बाद 27 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने प्रसंज्ञान लेते हुए 29 दिसंबर को सुनवाई तय की हैं.

13 सड़क दुर्घटनाओं पर स्वत: संज्ञान

10 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने सड़क दुर्घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लेकर हाईवे के किनारे स्थित ढाबों और सड़कों की हालत पर रिपोर्ट मांगी। राजस्थान के फालोदी में श्रद्धालुओं से भरी टेंपो ट्रैवलर और ट्रेलर की टक्कर में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के मामले पर Supreme Court ने स्वतः संज्ञान (suo motu cognizance) लिया.

Supreme Courtने इस गंभीर सड़क दुर्घटना को जनहित का मामला मानते हुए स्वतः संज्ञान में दर्ज किया है. सुप्रीम कोर्ट से कुछ दिन पूर्व ही 4 नवंबर 2025 को राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने केंद्र व राज्य सरकार से जवाब तलब किया, वहीं हाईकोर्ट की जोधपुर स्थित प्रधान पीठ ने सड़क दुर्घटनाओं पर दुख जताते हुए प्रसंज्ञान लिया।

14 फिर खुला 2007 अजमेर दरगाह ब्लास्ट मामला

Supreme Court ने 2007 के बहुचर्चित अजमेर दरगाह ब्लास्ट मामले में एक अहम आदेश सुनाते हुए मामले में दरगाह शरीफ के खादिम सैयद सरवर चिश्ती की अपील को मंजूर कर लिया है। इस आदेश के जरिए सुप्रीम कोर्ट ने 2007 के अजमेर दरगाह विस्फोट मामले में एक बार फिर से सुनवाई का रास्ता खोल दिया है।

Supreme Court ने अजमेर दरगाह शरीफ के खादिम सैयद सरवर चिश्ती की याचिका पर राजस्थान राज्य को नोटिस जारी किया है। चिश्ती ने राजस्थान हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें विशेष एनआईए अदालत द्वारा सात आरोपियों को बरी करने का आदेश बरकरार रखा गया था।

अजमेर दरगाह ब्लास्ट मामला वर्ष 2007 का है, जिसमें तीन लोगों की मौत और कई घायल हुए थे। NIA की विशेष अदालत जयपुर ने 10 साल के लंबे ट्रायल के बाद 8 मार्च 2017 को फैसला सुनाया था। NIA अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया था, जबकि असीमानंद सहित कई अन्य को बरी कर दिया था। इस फैसले के खिलाफ दरगाह शरीफ के खादिम सैयद सरवर चिश्ती ने फौजदारी अपील दायर की थी।

15 गिरीराज मलिंगा को नहीं मिली राहत, केस ट्रांसफर

Suprme Court ने 7 नवंबर को पूर्व विधायक के खिलाफ दर्ज इंजीनियर हर्षाधिपति से मारपीट प्रकरण में दायर याचिका को खारिज कर दिया है. जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की खंडपीठ ने शुक्रवार को सुनवाई करते हुए Rajasthan Highcourt के जुलाई 2025 में दिए गए आदेश को बरकरार रखा है.

Rajasthan Highcourt ने इस मामले में महत्वपूर्ण फैसला देते हुए प्रकरण को धौलपुर से जयपुर जिला अदालत में ट्रांसफर करने के आदेश दिए थे.

16 जयपुर की 87 अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलना तय

राजधानी जयपुर के सांगानेर में राजस्थान आवासन मंडल (Rajasthan Housing Board) की जमीनों पर 87 अवैध कॉलोनियों को हटाने के मामले में राजस्थान सरकार को Supreme Court से बड़ा झटका लगा है।

Rajasthan Highcourt के आदेश के खिलाफ Supreme Court पहुंची राजस्थान सरकार की याचिका पर Supreme Court की टिप्पणी ने मामले की गंभीरता को उजागर कर दिया है। Supreme Court ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि यह इतना बड़ा घोटाला हम सोच भी नहीं सकते, ऊपर से नीचे तक सभी मिलीभगत, सब ध्वस्त होगा।

17 राजस्थान मंडपम और एकता मॉल परियोजना

Supreme Court ने जयपुर में राजस्थान मंडपम और एकता मॉल परियोजनाओं के खिलाफ दायर जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया।

सीजेआई बी.आर. गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि विवादित भूमि वन भूमि नहीं है और याचिका में दर्शाए गए तथ्यों में कोई औचित्य नहीं पाया गया।

18 रामलाल जाट और  अरविंद श्रीवास्तव को राहत

राजस्थान की पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में राजस्व मंत्री रहे रामलाल जाट और राज्य के एडीजी आनंद श्रीवास्तव के भाई अरविंद श्रीवास्तव के खिलाफ अब सीबीआइ जांच नहीं होगी. Supreme Court ने अब राजस्थान सरकार की अपील मंजूर करते हुए CBI जांच की मांग को खारिज कर दिया है।

भीलवाड़ा के करेड़ा थाने में दर्ज 5 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में Rajasthan Highcourt ने CBI जांच का आदेश दिया था।Rajasthan Highcourt के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने अपील दायर कर Supreme Court में चुनौती दी थी। राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि Rajasthan Highcourt का आदेश अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर और कानून के अनुसार असंवैधानिक था.

19 लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के ओएसडी को आशिंक राहत

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के ओएसडी यानी ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी राजीव दत्ता को सुप्रीम कोर्ट से फौरी तौर पर आशिंक राहत मिली हैं.सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया है कि वो राजीव दत्ता के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई किसी अन्य जज की बेंच के समक्ष सूचीबद्ध कराऐं.

गौरतलब है कि राजस्थान हाईकोर्ट कि एकलपीठ ने 31 जुलाई और 1 अगस्त को सुनवाई करते हुए राजीव दत्ता के खिलाफ मानव तस्करी, अधिवक्ता पर हमला सहित कई गंभीर आरोपों को लेकर दायर याचिका पर पुलिस को गहन जांच के आदेश दिए थे.

20 सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन में बदलाव से इनकार

राजस्थान के सबसे बड़े बाघ अभ्यारण्य सरिस्का के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट(CTH) में बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। राज्य सरकार की तरफ से सरिस्का बाघ अभ्यारण के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट(CTH) में बदलाव की अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें बफर जोन को 42 किमी कम किया गया था।

सरकार के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी गई। अब सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए। सरिस्का टाइगर रिजर्व के क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (सीटीएच) का नया ड्राफ्ट सुप्रीम कोर्ट ने यह कहकर लौटा दिया है कि इसमें नियमों की पालना नहीं की गई है। साथ ही यह भी कहा कि सरिस्का में खानों को बंद करने का आदेश नहीं बदला जाएगा।

21 राजस्थान के 10 डेंटल कॉलेजों पर 100 करोड़ का जुर्माना

राजस्थान में मेडिकल और डेंटल एजुकेशन में नियमों की अनदेखी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए 10 दिसंबर को एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अदालत ने राजस्थान के 10 निजी डेंटल कॉलेजों पर 10-10 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है, जिन्होंने 2016-17 शैक्षणिक सत्र में न्यूनतम NEET पात्रता अंक पूरे न करने वाले छात्रों को दाखिला दिया था.

जस्टिस जे.के. महेश्वरी और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि संबंधित कॉलेजों ने नियमों का उल्लंघन जानबूझकर किया और इसलिए वे सख्त सजा के हकदार हैं. अदालत ने आदेश दिया कि राजस्थान के 10 निजी डेंटल कॉलेजों को 10-10 करोड़ रुपये की राशि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (Rajasthan State Legal Services Authority) में जमा करनी होगी.

22 खेतड़ी की संपत्ति के मामले में सरकार को झटका

सुप्रीम कोर्ट ने झुंझुनूं जिले के खेतड़ी के दिवंगत राजा बहादुर सरदार सिंह की संपत्तियों से जुड़े चर्चित मामले में राजस्थान सरकार की दायर याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने खेतड़ी के दिवंगत राजा बहादुर सरदार सिंह की संपत्तियों से जुड़े मामले पर सुनवाई करते हुए साफ किया कि यह वसीयत आधारित उत्तराधिकार का मामला है, न कि बिना वसीयत के उत्तराधिकार का। 

कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले में राज्य सरकार के पास दखल देने और कोर्ट आने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। मामला वर्ष 1985 में तैयार राजा बहादुर सरदार सिंह की वसीयत से जुड़ा है, जिसके आधार पर खेतड़ी ट्रस्ट का गठन किया गया था।

23 अजमेर दरगाह के पास कार्रवाई पर रोक

दिल्ली हाई कोर्ट ने 10 दिसंबर 2025 को केंद्र सरकार को अजमेर शरीफ दरगाह के अंदर या आसपास किसी भी ढांचे को तोड़ने से फिलहाल रोक दिया है.कोर्ट ने साफ कहा है कि बिना प्रभावित लोगों को नोटिस, सुनवाई और लिखित आदेश दिए सरकार सीधे बुलडोजर नहीं चला सकती.

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को अजमेर शरीफ दरगाह के अंदर या आसपास किसी भी ढांचे को तोड़ने से फिलहाल रोक दिया है. कोर्ट ने साफ कहा है कि बिना प्रभावित लोगों को नोटिस, सुनवाई और लिखित आदेश दिए सरकार सीधे बुलडोजर नहीं चला सकती.

22 नवंबर 2025 को अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय कि ओर से एक नोटिस जारी किया गया था जिसमें जिसमें दरगाह परिसर में कथित अनधिकृत एवं अवैध अतिक्रमण जैसे अलमारियां, बक्से, रैक, दुकानें, कालीन और झंडे 27 नवंबर तक हटाने का निर्देश दिया गया।

24 धर्मांतरण विरोधी कानून की वैधता पर नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (8 दिसंबर) को राजस्थान सरकार को नोटिस जारी कर राजस्थान अनधिकृत धर्मांतरण निषेध अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब तलब किया है.

यह कानून धोखे, दबाव या सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान करता है.
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडिया द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया और इसे उन लंबित याचिकाओं के साथ टैग कर दिया जिनमें इसी कानून को चुनौती दी गई है.

इस कानून में धोखे से किए गए सामूहिक धर्मांतरण पर 20 साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान है. वहीं धोखाधड़ी से धर्मांतरण पर 7 से 14 साल की सजा दी जा सकती है.अधिनियम में प्रावधान किया गया है कि धोखे से नाबालिगों, महिलाओं, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और दिव्यांगों का धर्मांतरण कराने पर 10 से 20 साल तक कारावास की सजा और कम से कम 10 लाख रुपये का जुर्माना होगा.

25 राजस्थान की जनता के लिए सस्ती बिजली की राह

1 अप्रैल 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC) के 2016 के विद्युत विनियमों को पूरी तरह वैध ठहराया और बिजली कंपनियों द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया। इस फैसले से राजस्थान कि आम जनता को सस्ती बिजली मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकारें अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर बिजली के उपयोग को नियंत्रित कर सकती हैं, जबकि अंतर-राज्यीय विद्युत व्यापार केंद्र सरकार के अधीन रहेगा।

लंबी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 17 अक्टूबर 2024 को सुरक्षित रखा था जिसे 1 अप्रैल 2025 को सुनाया गया.

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